दांत में दर्द की समस्या से परेशान 8 साल की एक बच्ची अपने पिता के साथ अस्पताल पहुंची थी। आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर ने दर्द वाले दांत के बजाए उसका सही दांत निकाल दिया। आगे जानिए पूरा मामला
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komal negi
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Image: Pauri Garhwal District Hospital Dentist News
पौड़ी गढ़वाल: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे हैं। कहीं अस्पताल नहीं है, तो कहीं अस्पताल में डॉक्टर। जिन अस्पतालों में डॉक्टर हैं, वहां भी लापरवाही चरम पर है। अब पौड़ी का ही मामला ले लें, यहां डेंटिस्ट पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा है। दांत में दर्द की समस्या से परेशान 8 साल की एक बच्ची अपने पिता के साथ जिला अस्पताल पहुंची थी। आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर ने दर्द वाले दांत की बजाए सही दांत निकाल दिया। यही नहीं बच्ची के परिजनों पर अस्पताल में मिलने वाली दवा बाहर के मेडिकल स्टोर से लिए जाने का दबाव भी बनाया गया। बच्ची के पिता ने इस मामले में अस्पताल प्रशासन से शिकायत की है। बता दें कि पौड़ी का जिला अस्पताल पीपीपी मोड पर चल रहा है। बीते दिन यहां वरिष्ठ पत्रकार राकेश रमण शुक्ला अपनी बेटी गौरांशी शुक्ला के इलाज के लिए पहुंचे थे। गौरांशी को दांत हिलने व उसमें दर्द की शिकायत थी। इलाज के लिए बच्ची को ओपीडी में ले जाया गया, जहां डेंटल सर्जन ने हिलते हुए दांत को निकालने के लिए सुझाव दिया।
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बच्ची के परिजनों का आरोप है कि डेंटिस्ट ने दांत को निकालने की बात कही और उन्हें ओपीडी से बाहर भेज दिया। इलाज के बाद डॉक्टर ने बेटी के मुंह में रखी हुई रुई को आधा घंटे बाद निकालने को कहा। घर पहुंचने पर जब बेटी के मुंह में रखी रूई हटाई गई तो पता चला कि बेटी का हिलता हुआ दांत वहीं है, जबकि दूसरे सही दांत को निकाल दिया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन पर दवाएं बाहर से लेने का दबाव भी बनाया गया। पौड़ी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत जैन ने बताया कि मामले में डेंटल सर्जन से जानकारी ली गई है। सर्जन ने खराब दांत निकालने की बात कही। दवा बाहर से लाए जाने की शिकायत को लेकर पहले भी तीन फार्मासिस्टों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। अस्पताल में दवा का पूरा स्टॉक है। इस बारे में मिली शिकायत की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।