देहरादून जाने वाले लोग ध्यान दें, RT-PCR रिपोर्ट साथ में जरूर रखें..वरना NO ENTRY

Dehradun में अब एंट्री आसान नहीं होगी। जिला प्रशासन की ओर से इसे लेकर विशेष guideline जारी की गई है। पढ़िए...
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Dehradun Corona Guidelines: RT-PCR Report Mandatory to enter Dehradun  NO ENTRY otherwise
Image: RT-PCR Report Mandatory to enter Dehradun NO ENTRY otherwise

देहरादून: नए साल के जश्न के लिए मसूरी जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो ये खबर ध्यान से पढ़ें। Dehradun में एंट्री अब आसान नहीं होगी। जिला प्रशासन की ओर से इसे लेकर विशेष guideline जारी की गई है। इन नियमों का पालन नहीं किया तो देहरादून के बॉर्डर से बैरंग लौटना पड़ सकता है।

Corona Guidelines for Entry in Dehradun:

सबसे पहले तो इस बात का ध्यान रखें की देहरादून आते वक्त आरटीपीसीआर रिपोर्ट साथ लाएं। इसके बिना दून में एंट्री नहीं मिलेगी। राजधानी दून में दूसरे राज्यों से प्रवेश करने वाले लोगों के लिए 72 घंटे पहले की RTPCR रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य किया गया है। कोरोना टीके की दोनों डोज लगा चुके लोगों को इससे राहत रहेगी। लेकिन जिन्होंने अब तक दोनों डोज नहीं लगाई है, उन्हें हर हाल में 72 घंटे पहले की नेगेटिव रिपोर्ट लानी ही होगी। बीते दिन जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ओमिक्रॉन को वैरिएंट ऑफ कंसर्न (वीओसी) घोषित किया है। इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बरतनी होगी।

Dehradun में एंट्री के लिए 72 घंटे पहले की RTPCR नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राज्य में आने वाले सभी लोगों की अधिकतम 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर, ट्रूनेट, सीबीएनएएटी और आरएटी कोविड नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर ही जिले में प्रवेश देने की सिफारिश की है। जन सुरक्षाहित में बाहरी राज्यों व जिलों से आने वाले सभी लोगों को इसे लाने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
वर्तमान में जिले की सीमाओं आशारोड़ी, कुल्हान, रायवाला, आईएसबीटी, बस स्टेशन, जौलीग्रांट एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर रैंडम सैंपलिंग की जा रही है। डीएम ने कहा कि जिले में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए आरटीपीसीआर टेस्टिंग को बढ़ाया जाना जरूरी है। देहरादून जिले में कोविड संक्रमितों के मिलने के बाद कई माइक्रो कंटेनमेंट जोन भी बनाए गए हैं। सभी जोन में जरूरी व्यवस्थाएं करने के लिए संबंधित विभागों को आदेश दिए गए हैं।