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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: कोरोना वायरस की तीसरी लहर एक बार फिर कहर बरपाने लगी है। उत्तराखंड में भी संक्रमण की विस्फोटक स्थिति है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 1292 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं पांच मरीज की मौत हुई है। शिक्षण संस्थानों में भी बड़ी तादाद में छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। इसे देखते हुए उत्तराखंड के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को 16 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने कोविड-19 और ओमिक्रॉन के बढ़ते संक्रमण के चलते यह निर्णय लिया है। शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने सोमवार दोपहर इसके आदेश जारी किए। सात जनवरी को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस बाबत दिशा निर्देश जारी किए थे। मैदानी जिलों में 13 जनवरी तक स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई थी, अब अवकाश को बढ़ाकर 16 जनवरी कर दिया गया है। इस दौरान पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से जारी रहेगी।
उत्तराखंड के स्कूलों में छात्र बड़ी तादाद में कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। पहले नैनीताल के नवोदय विद्यालय में 85 छात्र कोरोना पॉजिटिव मिले। बीते दिन एक बुरी खबर ऊधमसिंहनगर जिले से आई। जहां सितारगंज के जीएस कॉन्वेंट स्कूल के 55 बच्चे कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। सभी को होम आइसोलेट कराया गया है। स्कूल में एक दिन पहले ही 155 बच्चों की जांच कराई गई थी। वहीं एक अन्य निजी विद्यालय के प्रबंधक भी संक्रमित मिले हैं। श्रीनगर राजकीय मेडिकल कॉलेज में सोमवार को तीन डॉक्टर और 10 एमबीबीएस छात्र-छात्राओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बात करें प्रदेश की तो सोमवार को एक दिन में 1292 लोग कोरोना की चपेट में आए हैं। चिंता वाली बात ये है कि अब मरीजों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ने लगा है। बीते दिन कोरोना के चलते 5 मरीजों की मौत हो गई। इस वक्त प्रदेश में 5009 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है।