Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
रुद्रप्रयाग: ठंड से राहत की राह देख रहे लोगों के लिए एक दिल तोड़ने वाली खबर है। सीजन का सबसे ठंडा दिन अभी आना बाकी है। पिछले कई दिनों से पहाड़ी इलाकों में बारिश-बर्फबारी का दौर जारी है। जिससे मैदानी इलाकों में भी ठिठुरन बढ़ गई है। ठंड से राहत पाने के तमाम जतन फेल साबित हो रहे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अब इस महीने और बारिश होने की संभावना नहीं है, लेकिन इसके चलते सर्दी में कोई कमी नहीं होगी। साफ है कि अभी ठिठुरन भरी ठंड जारी रहेगी। उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। इस दौरान खासतौर पर दिन के समय लोगों को ठिठुराने वाली ठंड और गलन का अहसास होगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक सोमवार से अगले दो से तीन दिनों में उत्तराखंड समेत देश के कुछ हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। इससे ठंडा दिन एवं अत्यंत ठंडा दिन जैसी स्थिति होने का अनुमान है।
पिछले दिनों उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई, जिससे निचले इलाकों में बर्फीली हवाएं चल रही हैं। उत्तर पश्चिमी हवाओं के चलते लोगों को गलन का सामना करना पड़ रहा है। बात करें अगले 24 घंटों की तो मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में मंगलवार को भी बादल छाये रहेंगे और बारिश होगी। प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में अगले 48 घंटों के दौरान शीत दिवस (कोल्ड डे) की स्थिति रह सकती है। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में शीत लहर की स्थिति बनी रहेगी। इस बार उत्तराखंड ही नहीं पूरे उत्तर भारत में जनवरी महीने में जमकर बारिश हुई। कई दशकों के रिकॉर्ड टूट गए। दूसरी तरफ बारिश से फसलों को खासा नुकसान हुआ है। पहाड़ों में बर्फबारी से शीत लहर चल रही है जिससे ठिठुरन बढ़ गई है। आज गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली और कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़, बागेश्वर और खटीमा के ज्यादातर इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।