उत्तराखंड: लोक-लाज का डर सताया, बेरहम मां ने नवजात को ठंड में मरने के लिए छोड़ा

लोकलाज के डर से नवजात को भीषण ठंड में मरने के लिए छोड़ दिया, जानिए कैसे आईं मां की काली करतूतें सामने...
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Bageshwar News: New Born Left by Unmarried Parents in Bageshwar
Image: New Born Left by Unmarried Parents in Bageshwar

बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां पर मां की ममता शर्मसार हुई है। यहां प्यार का भूत एक युवती के सिर के ऊपर इस कदर चढ़ा की शादी से पहले ही वह गर्भवती हो गई और समाज के डर से बच्चा पैदा करके उसने बच्चे को सड़क किनारे मरने के लिए छोड़ दिया। समाज के डर से अपनी कोख से जन्मे बच्चे को सड़क किनारे रोता बिलखता छोड़ने पर उसके हाथ तक नहीं कांपे। बता दें कि इस काली करतूत में युवती के परिजन भी शामिल थे। उन्होंने युवती का प्रसव करवाया और फिर युवती ने परिजनों के साथ मिलकर नवजात शिशु को भीषण ठंड में मरने के लिए छोड़ दिया।
मगर कहते हैं ना, जाको राखे साइयां मार सके ना कोय। ऐसा ही कुछ नवजात के साथ हुआ। आसपास के लोगों ने बच्चे को रोते बिलखते देखा और उसको अस्पताल ले गए जहां पर बच्चा पूर्णत: स्वस्थ पाया गया। बच्चा फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में है। अब आप आश्चर्यचकित होंगे कि आखिर इस पूरे मामले पर से पर्दा उठा कैसे और आखिर कैसे उस निर्दयी मां की काली करतूतों का भंडाफोड़ हुआ जिसने अपने कलेजे के टुकड़े को भीषण ठंड में सड़क पर मरने के लिए छोड़ दिया था। चलिए आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है...

दरअसल बागेश्वर की युवती का चमोली के थराली निवासी एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। प्रेम इस कदर दोनों के सिर पर सवार हुआ कि युवती शादी से पहले ही गर्भवती हो गई। बीती रात उसने बच्चे को जन्म दिया। समाज के डर से उसके परिजनों ने उसके बच्चे को सड़क के किनारे छोड़ दिया। वहीं बैजनाथ-ग्वालदम सड़क के किनारे कंधार के पास जिला पंचायत सदस्य गोपाल किरमोलिया और स्थानीय लोग जब सड़क के किनारे से गुजर रहे थे तो उन्हें एक शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। जब वो नजदीक गए तो उन्हें एक नवजात कपड़े में लिपटा मिला। जिसके बाद उन्होंने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ पहुंचाया।
चिकित्सकों ने नवजात की जांच की गई तो बच्चा पूर्ण रूप से स्वस्थ मिला। जिसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी। किस्मत देखिए जिस अस्पताल में नवजात शिशु को लाया गया उसी अस्पताल में उस रात 10 बजे उसकी मां भी अपने परिजनों के साथ अत्यधिक रक्तस्राव की तकलीफ लेकर पहुंच गई। जब चिकित्सकों ने उसकी जांच की तो उन्हें पता चला कि उसका रात को ही प्रसव हुआ है।
जिसके बाद युवती से पूछताछ की गई और बच्चे को उसके सामने लाया गया तो युवती ने सब कुछ सच उगल दिया।मामला बैजनाथ पुलिस तक जा पहुंचा। सच्चाई सामने आने पर बच्चे को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं युवती का प्रेमी और बच्चे का पिता भी चिकित्सालय जा पहुंचा। पुलिस के सामने उसने स्वीकार किया कि बच्चा उन्हीं का है और वह युवती से प्रेम करता है। इसके बाद में युवती व उसके परिजन भी शादी के लिए राजी हो गए और नवजात को अपने साथ ले गए।