प्रदेश के लोग बारिश और बर्फबारी के थम जाने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मौसम विभाग की मानें तो 7 फरवरी तक राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
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कोमल नेगी
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Image: Snowfall likely in 6 districts of Uttarakhand on February 5
रुद्रप्रयाग: मौसम विभाग ने बर्फबारी और बारिश को लेकर जो अलर्ट जारी किया था वो सही साबित हुआ। प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है। पहाड़ों में इतनी जबर्दस्त ठंड पड़ रही है कि लगता है जैसे हिमयुग वापस लौट आया हो। मौसम विज्ञानी इसे पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का असर बता रहे हैं। लोग बारिश और बर्फबारी के थम जाने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मौसम विभाग की मानें तो 7 फरवरी तक राहत मिलने के आसार नहीं हैं। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, नैनीताल, मसूरी, चकराता में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला अगले कुछ दिन भी जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 6 और 8 फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में फिर बदलाव दिखने को मिलेगा। कहीं-कहीं कोल्ड-डे कंडीशन रह सकती है। इसे लेकर अगले दो-तीन दिन राज्य में येलो अलर्ट रहेगा। सात फरवरी तक चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश-बर्फबारी की संभावना है।
उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में 23.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। सड़कों में जलभराव की स्थिति बनी रही। मुनस्यारी, धनोल्टी, चकराता, नैनीताल, मुक्तेश्वर, मसूरी, टिहरी, लोहारखेत, पिथौरागढ़, गंगोत्री और ओली में अच्छा हिमपात देखने को मिला है। चमोली में कई गांव बर्फ की चादर में लिपटे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी के अलावा पाला पड़ने की संभावना है। 2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम बर्फबारी से सड़कें अवरूद्ध हो सकती हैं, ऐसे में पहाड़ की यात्रा पर जाते वक्त सतर्कता बरतें। वैसे सतर्कता तो हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर के लोगों को भी बरतनी होगी, क्योंकि यहां घना कोहरा छाया रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को फिलहाल पर्वतीय स्थानों में यात्रा न करने की सलाह दी है। जिला प्रशासन को बर्फ से अवरूद्ध सड़कों को खोलने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है।