ठगों ने उनसे जमीन के नाम पर ढाई लाख हड़प लिए। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Champawat police officer Shanti Kumar cheated of 2 50 lakh in the name of land
चम्पावत: उत्तराखंड में जमीन दिलाने के नाम पर ठगी अब भी जारी है। जमीन धोखाधड़ी के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। आम लोगों के साथ अब पुलिस भी जमीन धोखाधड़ी में फंस रही है। जमीन दिलाने के नाम पर आरोपितों ने चंपावत के कोतवाली प्रभारी से दो लाख 59 हजार रुपये की ठगी कर दी है। जी हां, देहरादून शहर के कोतवाली पुलिस ने आरोपित, उसकी पत्नी और बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बता दें आरोपितों ने फर्जी पावर आफ अटार्नी दिखाकर किसी और की जमीन का सौदा कर दिया था और पुलिसकर्मी को दो लाख 59 हजार रुपये की ठगी कर दी। चंपावत कोतवाली प्रभारी शांति कुमार ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उनकी पत्नी ने वर्ष 2010 में हरिद्वार रोड स्थित एक आवासीय भूमि राजपाल सिंह से खरीदी थी। तब आरोपी राजपाल सिंह ने बताया था कि जमीन ब्राह्मणवाला निवासी सलीम के नाम पर है, जिसने पावर आफ अटार्नी उसके नाम पर ट्रांसफर करवाई है।
जमीन का सौदा आरोपी राजपाल सिंह उसकी पत्नी पदमा व बेटे अंकित ने किया था। कचहरी के पास आरोपितों ने पीड़ित की पत्नी रेखा से जमीन के बदले एडवांस में दो लाख, 59 हजार रुपये ले लिए। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उन्होंने दस्तावेजों की जांच करवाई तो पता चला कि जमीन राजपाल सिंह के नाम दर्ज ही नहीं है। उन्होंने सब रजिस्ट्रार कार्यालय से पावर आफ अटार्नी की प्रतिलिपी निकलवाई तो वह चौंक गए क्योंकि उसमें भूमि के मालिक के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति का फोटो लगा हुआ था, जो कि 28 जनवरी 2010 को फर्जी तरीके से राजपाल सिंह ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय में दर्ज कराई है।इस पूरे मामले की जांच कर रहे एसएसआइ शहर कोतवाली कुलवंत सिंह ने बताया कि फिलहाल धोखाधड़ी के इस मामले में मोहितनगर, जीएमएस रोड निवासी राजपाल सिंह, उसकी पत्नी पदमा और बेटे अंकित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहराई से जांच-पड़ताल की जा रही है।