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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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हरिद्वार: बीते गुरुवार को उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व में एक हाथी के मृत पाए जाने की सूचना मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। बताया जा रहा है कि बीते गुरुवार की सुबह दो हाथियों के आपसी संघर्ष में एक हाथी की मृत्यु हो गई थी। इस खबर को ज्यादा समय नहीं हुआ है कि राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत साहब नगर के पास सौंग नदी के किनारे आज सुबह एक और हाथी मृत मिला है। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दरअसल आज सुबह तकरीबन 8 बजे ग्रामीणों को नदी किनारे हाथी मृत पड़ा हुआ मिला, जिसको देख कर वह सहम गए। इसकी सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान ध्यान सिंह असवाल ने इसकी सूचना वन विभाग को दी ।जिसके बाद मोतीचूर रेंज से वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। बता दें कि हाथी का शव बहते पानी में ही पड़ा हुआ है। बीते गुरुवार को मोतीचूर रेंज में ही तकरीबन 1 किलोमीटर दूर दोनों हाथियों के संघर्ष में 55 वर्षीय हाथी की मौत हो गई थी जबकि दूसरा हाथी घायल हो गया था। जिसको वन कर्मियों की टीम तलाश रही थी।
अनुमान लगाया जा रहा है कि यह वही हाथी हो सकता है जो कि गुरुवार को हुए संघर्ष में घायल हुआ था। हालांकि वन अधिकारी इसके बारे में कुछ भी नहीं कह रहे हैं। दरअसल राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में दो हाथियों के बीच संघर्ष में बीते गुरुवार को एक नर हाथी की मौत हो गई थी। घटना का पता लगने पर वन अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल पर हाथियों के पैरों के निशान और काफी मात्रा में खून के अलावा में हाथी के पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे जख्म के निशान भी मिले थे। इससे अनुमान लगाया गया था कि इस हाथी की मौत दूसरे हाथी के साथ संघर्ष में हुई है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि संघर्ष में दूसरा हाथी भी घायल हुआ होगा जिसकी तलाश में वन कर्मियों को लगाया गया था। आज सुबह नदी में जिस हाथी का शव मिला। उम्मीद जताई जा रही है कि यह वही हाथी है जो कि दूसरे हाथी के साथ संघर्ष में घायल हुआ था।