क्षेत्र में हाथियों का आतंक चरम पर है, लेकिन कुछ लोग एक अदद सेल्फी के लिए अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे।
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कोमल नेगी
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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Image: People forcefully taking selfie with elephant in Rishikesh
ऋषिकेश: तीर्थनगरी ऋषिकेश। सोमवार तड़के यहां हाथी ने एक साधु को कुचलकर मार डाला, उसका साथी भी हाथी के हमले में घायल हुआ है। क्षेत्र में हाथियों का आतंक चरम पर है, लेकिन कुछ लोग एक अदद सेल्फी के लिए अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे। ये लोग जंगली हाथियों के साथ सेल्फी खिंचाते दिखते हैं। ऐसे में अगर हादसा हो जाए, तो यही लोग वन विभाग और प्रशासन को कोसने लगेंगे। कहेंगे कि वन विभाग कुछ नहीं कर रहा। यमकेश्वर के स्वर्गाश्रम क्षेत्र में हाथी की रिहायशी इलाके में धमक बनी हुई है। यहां नीलकंठ बैराज मार्ग पर हाथी पालतू जानवरों की तरह चहलकदमी करते दिखाई दे रहा है। आबादी वाले इलाके में हाथियों की बढ़ती धमक से लोगों की जान खतरे में है, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो सेल्फी लेने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। कुछ ऐसी ही तस्वीर सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही हैं, जो हादसों को दावत देती दिखाई दे रही है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें हाथी सड़क से गुजरता दिख रहा है। इस दौरान लोगों ने जान जोखिम में डालकर वीडियो बनाने की कोशिश की। ये लोग हाथी से डर तो रहे थे, लेकिन मौज-मस्ती भी कर रहे थे। अगर गजराज का मूड उखड़ जाता तो वीडियो बनाने वालों की जान पर बन आती, लेकिन शुक्र है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। बता दें कि बीती रात स्वर्गाश्रम क्षेत्र में हाथी ने सड़क किनारे सो रहे साधु को कुचल कर मार दिया था। क्षेत्र में हाथी के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन वन विभाग एक्टिव नजर नहीं आ रहा। महाशिवरात्रि के मौके पर नीलकंठ बैराज मार्ग पर हजारों शिवभक्तों का आवागमन हो रहा है। ऐसे में पैदल मार्ग पर हाथी के आने से खलबली मच सकती है। वन विभाग को यहां सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए।