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हरिद्वार: पिता और पुत्री का रिश्ता इस पूरे संसार में सबसे श्रेष्ठ और सबसे मजबूत रिश्ता माना जाता है। मगर हरिद्वार में एक कलयुगी बेटी के ऊपर प्यार का भूत इस कदर सवार हुआ कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। जी हां, मामला उत्तराखंड के हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। यहां पर एक बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या कर दी। वहीं आरोपी बेटी को पुलिस ने आजीवन कारावास के साथ ही 20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने हत्यारे प्रेमी को भी आजीवन कारावास एवं 45 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। चलिए आपको बताते हैं कि आखिर यह पूरा मामला क्या है और कैसे दोनों ने मिलकर युवती के पिता को बेरहमी से मौत के घाट उतारा। दरअसल पथरी थाना क्षेत्र में 8 मार्च 2018 को ग्राम जियापोता निवासी पवन ने पथरी थाने में तहरीर देते हुए बताया कि उसका भाई प्रमोद 26 फरवरी को अपने खेत में मृत पाया गया। दरअसल मृतक के नौकर रामकिशोर और उसकी बेटी के बीच में लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था और वह उनके बीच में रोड़ा बना हुआ था। आगे पढ़िए
इसके बाद रामकिशोर ने प्रमोद कुमार की बेटी के साथ मिलकर देर रात को उसकी हत्या कर दी और उसके शव को खेत में फेंक दिया। अगले दिन प्रमोद कुमार के परिजन खेत में पहुंचे तो हादसे का पता लग सका। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उनको घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर आई चोटों की वजह से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच की तो पता लगा कि प्रमोद कुमार की पुत्री वंदना और आरोपित रामकिशोर के प्रेम संबंध थे। दोनों शादी भी करना चाहते थे मगर वंदना के पिता को यह रिश्ता मंजूर नहीं था और इसलिए वह वंदना की शादी कहीं और करवाना चाहते थे। इसी बात को लेकर वंदना एवं रामकिशोर ने आपस में षड्यंत्र रचा और मौका पाकर रामकिशोर ने प्रमोद की हत्या कर दी। पुलिस ने वंदना और किशोर के मोबाइल फोन भी बरामद किए थे। अब जाकर दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों के आधार पर तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार ने वंदना व रामकिशोर को आपस में षड्यंत्र रच प्रमोद कुमार की हत्या करने का दोषी पाया गया है जिसके बाद दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई है।