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पिथौरागढ़: उत्तराखंड का विधानसभा चुनाव इस बार कई मायनों में यादगार रहेगा। चुनाव में मिली जीत के बाद कई नए-नवेले विधायक लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
पिथौरागढ़ के फकीर राम इन्हीं में से एक हैं। फकीर राम गंगोलीहाट से चुनाव जीते हैं। एक वक्त था जब फकीर राम घर चलाने के लिए कारपेंटर का काम किया करते थे। बाद में राजनीति में आए और लोगों की सेवा करने लगे। उनकी सादगी ने लोगों का दिल जीत लिया और इस बार जब वो बीजेपी से चुनाव लड़े तो लोगों ने उन्हें दिल खोलकर वोट और समर्थन दोनों दिया। ये तो हुई फकीर राम की बात, लेकिन आज हम आपको उनके बेटे के बारे में बताएंगे। जो कि अपने पिता की तरह सादगी के साथ रहते हैं। बीजेपी विधायक फकीर राम का बड़ा बेटा आज भी गाड़ियों के पंक्चर जोड़ने का काम करता है। बेटे जगदीश का कहना है कि उसे अपने काम पर कभी शर्मिंदगी महसूस नहीं होती।
विधायक फकीर राम के दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे जगदीश राम ने बताया कि वह करीब 12 साल से पंक्चर बनाने का काम करते हैं और इसी से परिवार का खर्च चलाते हैं। परिवार चलाने के लिए आज तक किसी से मदद नहीं मांगी। फकीर राम का छोटा बेटा वीरेंद्र राम फर्नीचर का काम करता है। पिता के चुनाव जीतने पर बेटे बहुत खुश हैं। नवनिर्वाचित विधायक का परिवार हल्द्वानी के दमुवाढूंगा में रहता है। क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि फकीर राम ने अपने व्यवहार और सादगी की बदौलत राजनीति में मुकाम हासिल किया है। बता दें कि फकीर राम इससे पहले भी दो बार टिकट के लिए दावेदारी कर चुके थे। इस बार उन्हें टिकट देने के लिए बीजेपी ने सीटिंग विधायक मीना गंगोला का टिकट काट दिया। ये फैसला सही साबित हुआ और फकीर राम बंपर जीत हासिल करने में कामयाब रहे।