Uttarakhand Uniform Civil Code यानी प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून व्यवस्था लागू होगी। ऐसा करने वाला पहला राज्य उत्तराखंड होगा।
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कोमल नेगी
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Image: Know about the Uniform Civil Code in Uttarakhand
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की जनता से किया वादा निभाया। प्रदेश में बीजेपी की सरकार के गठन के बाद गुरुवार को धामी मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई। जिसमें राज्य में Uttarakhand Uniform Civil Code यानी समान नागरिक संहिता लागू करने का फैसला लिया गया। इसके लिए राज्य में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी। समिति इस कानून के लिए ड्राफ्ट तैयार करेगी और प्रदेश सरकार उसे लागू करेगी। सीएम धामी ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से समान नागरिक संहिता को मंजूरी दी है। उत्तराखंड समान नागरिक संहिता को लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा।
What is Uniform Civil Code
यहां आपको यूनिफॉर्म सिविल कोड या समान नागरिक संहिता के बारे में भी बताते हैं। समान नागरिक संहिता का अर्थ है सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून। इसका मतलब ये है कि किसी भी मजहब या जाति के लिए कोई अलग कानून नहीं होगा। अभी देश में हर धर्म के लोग शादी, तलाक, जायदाद का बंटवारा और बच्चों को गोद लेने जैसे मामलों का निपटारा अपने पर्सनल लॉ के हिसाब से करते हैं, लेकिन समान नागरिक संहिता लागू हो जाने के बाद सभी धर्म एक ही कानून का अनुसरण करेंगे।
हमारे देश में मुस्लिम, ईसाई और पारसी समुदाय का पर्सनल लॉ है। वहीं, हिंदू सिविल लॉ के तहत हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध आते हैं। समान नागरिक संहिता को लागू करना अनुच्छेद 44 के तहत राज्य की जिम्मेदारी बताया गया है, हालांकि ये अभी तक देश में कहीं लागू नहीं हो पाया है। उत्तराखंड यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने वाला पहला राज्य बनने जा रहा है। धामी कैबिनेट की पहली बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 12 फरवरी 2022 को हमने जनता के समक्ष संकल्प लिया था कि हमारी सरकार का गठन होने पर हम यूनिफॉर्म सिविल कोड लेकर आएंगे। आज हमने तय किया है कि हम इसे जल्द ही लागू करेंगे। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी। सीएम ने दूसरे राज्यों से भी अपने यहां Uniform Civil Code लागू करने की अपील की।