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नैनीताल: इस बार अप्रैल की शुरुआत में ही मई-जून जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है। बढ़ता तापमान लोगों के पसीने छुड़ा रहा है, तो वहीं कई जिलों में पेयजल संकट गहराने लगा है।
एक टेंशन बढ़ाने वाली खबर नैनीताल से भी आई है। यहां नैनी झील के जलस्तर में इन दिनों रोजाना एक इंच की गिरावट दर्ज हो रही है। झील से रोजाना 16 लाख लीटर पानी कम हो रहा है। यही हाल रहा तो नैनीताल में एक बार फिर भारी जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जून या मई के अंत तक झील में डेल्टा नजर आने लगेंगे। झील के जलस्तर में गिरावट की वजह जरूरत से ज्यादा पानी की निकासी बताई जा रही है। नैनीताल शहर के आम लोगों के साथ होटलों को पानी की सप्लाई नैनी झील से ही होती है। नियमानुसार झील से रोजाना आठ मिलियन लीटर पानी (एमएलडी) लिया जाता है। इससे झील का जलस्तर रोजाना आधा इंच तक कम होता है, लेकिन सिंचाई विभाग का कहना है कि पिछले दो हफ्तों से अचानक झील का जलस्तर रोजाना एक इंच तक कम हो रहा है। आगे पढ़िए
इसका मतलब ये है कि झील से रोजाना 16 लाख लीटर पानी निकाला जा रहा है। वर्तमान में झील का जलस्तर गेट मीटर से 6 फुट 9 इंच पर है। झील से रोजाना की जरूरत का दोगुना पानी निकाला जा रहा है। नैनीताल में सबसे अधिक पानी होटलों को सप्लाई होता है। यहां 200 से अधिक होटल हैं। जिस तरह के हालात बने हुए हैं उससे साफ है कि व्यवसायिक उपयोग के लिए झील से दोगुना पानी निकाला जा रहा है। जबकि शहर में लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। बता दें कि साल 2016 और 2017 में भी झील के जलस्तर में भारी कमी दर्ज हुई थी। कम पानी के कारण किनारों पर मछलियां भी मर गई थीं। झील से पानी निकासी की व्यवस्था को सीमित करना पड़ा था। अब एक बार फिर से ऐसे ही हालात बनते नजर आ रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कहा कि रोजाना एक इंच पानी का स्तर गिरना आने वाले दिनों में चिंता बढ़ा सकता है। इस बारे में जल संस्थान से जानकारी जुटाई जा रही है।