उत्तराखंड: गंगोलीहाट में मिली रहस्यमयी गुफा, अंदर बनी हैं काल भैरव की जीभ और गरुड़ की आकृति

Pithoragarh के Pithoragarh में फिर से Mysterious cave मिली है। अंदर काल भैरव की जीभ और गरुण की आकृतियां बनी हैं
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Gangolihat Mysterious cave: Mysterious cave found in Pithoragarh Gangolihat
Image: Mysterious cave found in Pithoragarh Gangolihat

पिथौरागढ़: उत्तराखंड की धरती अपने आप में कई रहस्यों को समेटे हुए हैं। इतिहास का ऐसा ही एक अनमोल खजाना पिथौरागढ़ में सामने आया है। Mysterious cave found in Gangolihat कुछ खोजी युवाओं ने यहां गंगोलीहाट में एक और रहस्यमयी गुफा का पता लगाया है। गुफा के भीतर विभिन्न आकृतियां उभरी हैं। गुफा का मुहाना काफी संकरा है। यहां ऑक्सीजन पर्याप्त है, लेकिन ठंड बहुत ज्यादा है। बीते दिनों हाट कालिका मंदिर से लगभग 1 किलोमीटर नीचे मिली गुफा खोजते वक्त खोजकर्ताओं को यहां तीन अन्य गुफाओं के संकेत मिले थे। जिसमें से एक गुफा का मुहाना काफी संकरा था। स्थानीय ग्रामीण इसे भालू की मांद बताते हैं। रविवार को गांव के ही युवा दीपक रावल के नेतृत्व में ऋषभ रावल, पप्पू रावल, भूपेश पंत और सुरेंद्र बिष्ट ने हिम्मत करके गुफा के रहस्य जाने के लिए यहां प्रवेश किया। युवाओं का कहना है कि जहां अन्य गुफाओं में गुफा की छत से पानी टपकता है, वहीं इस गुफा में पानी लगातार रिस रहा है। आगे पढ़िए

गंगावली वर्ड के युवाओं ने बताया कि गुफा के भीतर जिस तरह पत्थरों का बिखराव हुआ है। उससे भूगर्भीय हलचल का प्रभाव साफ नजर आता है। चट्टानों पर काल भैरव की जीभ, गरूड़ सहित अन्य आकृतियां उभरी हुई हैं। यह सब मुहाने से लगभग 35 फीट दूरी पर बने काफी बड़े स्थान पर हैं। युवाओं को गुफाओं के अंदर गुलदार का कंकाल भी मिला। उनके अनुसार यह कंकाल लगभग 10 साल पुराना प्रतीत हो रहा है। गुलदार के कंकाल की हड्डियां और दांत सुरक्षित हैं, परंतु उसका मांस सड़ चुका है। खोजकर्ताओं का कहना है कि गुफाओं में एंट्री के लिए कोई अन्य मार्ग भी हो सकता है। अपनी इस खोज से युवा बेहद उत्साहित नजर आए। उन्होने कहा कि क्षेत्र में ऐसी कई और गुफाएं हो सकती हैं। जिन पर शोध किए जाने की जरूरत है। फिलहाल Pithoragarh के Pithoragarh में फिर से Mysterious cave मिली है। अंदर काल भैरव की जीभ और गरुण की आकृतियां बनी हैं