उत्तराखंड में अप्रैल के महीने में भी बर्फबारी, व्यास-दारमा वैली में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड

Pithoragarh जिले की Darma और Vyas Valley भी बर्फ से लकदक है। ग्रामीणों ने बताया कि अप्रैल में क्षेत्र में बर्फबारी का ये अवसर साल 2012 के बाद आया है।
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snowfall Vyas Darma Valley Pithoragarh: Snowfall in April after 10 years in Vyas Darma Valley Pithoragarh
Image: Snowfall in April after 10 years in Vyas Darma Valley Pithoragarh

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी के बाद मौसम खुशगवार हो गया।

Snowfall in April after 10 years in Vyas Darma Valley Pithoragarh

पिथौरागढ़ में धारचूला की दारमा और व्यास घाटी भी बर्फ से लकदक है। ग्रामीणों ने बताया कि अप्रैल में क्षेत्र में बर्फबारी का ये अवसर साल 2012 के बाद आया है। पिछले दस साल में यह पहला मौका है, जबकि क्षेत्र में अप्रैल में बर्फ गिर रही है। यहां बुधवार रात जमकर हिमपात हुआ। घाटी में 6 इंच तक बर्फबारी हुई है। इसके अलावा जनपद के विभिन्न हिस्सों में गरज के साथ बारिश भी हुई है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। गुंजी के प्रधान सुरेश गुंज्याल ने कहा वर्ष 2002 व वर्ष 2012 में भी यहां अप्रैल माह में बर्फबारी हुई थी। इस बार भी प्रचंड गर्मी के बीच हिमपात होना शुभ संकेत है। इससे जल स्रोतों व नदियों को जीवनदान मिलेगा। बीते दिन कनालीछीना, डीडीहाट, बेरीनाग, गंगोलीहाट सहित विभिन्न हिस्सों में गरज के साथ हल्की बारिश हुई। आगे पढ़िए

गरज के साथ तेज हवाएं चलने से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। मुनस्यारी में ओलावृष्टि हुई है। यहां आसपास की चोटियों में गिरे ओलों की सफेदी साफ नजर आई। बारिश ने आम लोगों के साथ वन विभाग को भी बड़ी राहत दी है। गर्मी बढ़ने से उत्तराखंड के जंगल धधक रहे थे। गुरुवार को हुई बारिश से पिथौरागढ़ जिले में कई जगह जंगलों की आग बुझ गई। मौसम विभाग ने आज पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बीते तीन दिन से बादल मंडरा रहे हैं। मैदानों में ज्यादातर स्थानों पर आसमान साफ है और धूप खिल रही है, लेकिन पहाड़ों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि के कई दौर हो चुके हैं।