जिसने भी गुलदार को गांव के पास टहलते देखा, वो डर से सहम गया। गुलदार काफी देर तक पहाड़ी के पास ही बैठा रहा। देखिए Guptkashi Leopard Video
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Video showing Leopard in Guptkashi
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में गुलदार और हाथी समेत दूसरे वन्य जीव दहशत का सबब बने हैं। टिहरी से लेकर पिथौरागढ़ तक हर जगह इंसानी बस्तियों में गुलदार की धमक महसूस की जा रही है। कहीं गुलदार कॉलोनियों में घूमते दिखते हैं तो कभी बाजारों में। जंगल में आग लगने के बाद हालात और भयावह हो गए हैं। जंगल में तपिश बढ़ते ही गुलदार आबादी वाले इलाकों में पहुंच रहे हैं।
Leopard Videos Viral Guptkashi
बढ़ते खतरे के बीच रुद्रप्रयाग के गुप्तकाशी से एक डराने वाला वीडियो सामने आया है। यहां एक गुलदार गांव के करीब पहाड़ी पर गुर्राता दिखाई दिया। जिसने भी गुलदार को गांव के पास टहलते देखा, वो डर से सहम गया। गुलदार काफी देर तक पहाड़ी के पास ही बैठा रहा। खबर फैली तो गुलदार को देखने के लिए आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। कई लोगों ने गुलदार के वीडियो भी बनाए, जो कि सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं। आगे देखिए वीडियो
इस घटना के बाद लोग दहशत में हैं। उन्होंने कहा कि इंसानी आबादी वाले इलाकों में गुलदार की चहलकदमी बढ़ रही है। कई लोगों पर गुलदार हमला भी कर चुके हैं, लेकिन वन विभाग इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा। बात करें पर्वतीय क्षेत्रों की तो यहां बाघ और हाथी से ज्यादा खतरनाक गुलदार साबित हो रहे हैं। पिछले साल जंगली जानवरों की वजह से 59 लोगों को जान गंवानी पड़ी, जबकि 225 घायल हुए। इनमें सबसे ज्यादा खतरनाक गुलदार साबित हो रहे हैं। इस अवधि में नरभक्षी गुलदार 22 लोगों को निवाला बना चुके हैं। वहीं, 60 व्यक्ति इनके चंगुल से बमुश्किल बच पाए। इस साल गुलदार के हमले में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है। गुलदार के अलावा बाघ, हाथी, भालू और सुअरों के हमले की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। देखिए Guptkashi Leopard Video