चमोली जिले की हल्दी है सबसे बेस्ट, इसके आगे केरल-मेघालय की हल्दी भी फेल..शोध में हुआ खुलासा

शोध में Chamoli district के 1500 से 1700 मीटर की ऊंचाई पर पाई जाने वाली हल्दी में अन्य जगह के मुकाबले curcumin की मात्रा काफी अधिक पाई गई।
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
Chamoli Turmeric Curcumin: highest amount of curcumin found in turmeric of Chamoli district
Image: highest amount of curcumin found in turmeric of Chamoli district

चमोली: उत्तराखंड में बंदरों के आतंक के चलते लोग खेती करना छोड़ रहे हैं। हालांकि इन इलाकों में हल्दी समेत अन्य मसालों की खेती आमदनी का अच्छा जरिया बन सकती है। क्योंकि हल्दी को बंदर या अन्य वन्यजीव नुकसान नहीं पहुंचाते। तमाम औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी की खेती को सरकार की ओर से प्रमोट किए जाने की जरूरत है।

highest amount of curcumin found in turmeric of Chamoli

उत्तराखंड में उगाई जाने वाली हल्दी की गुणवत्ता काफी बेहतर है। इनमें भी चमोली जिला टॉप पर है। पौड़ी उत्तरकाशी की हल्दी भी बेमिसाल गुणों से भरी है। वैज्ञानिकों के एक शोध में यह बात सामने आई है कि अन्य जगह पर पाई जाने वाली हल्दी के मुकाबले चमोली की हल्दी में करक्यूमिन की मात्रा काफी अधिक है। इस तरह चमोली की हल्दी गुणवत्ता में अव्वल है। वैज्ञानिक शोध में चमोली जिले के 1500 से 1700 मीटर की ऊंचाई पर पाई जाने वाली हल्दी में अन्य जगह के मुकाबले करक्यूमिन की मात्रा काफी अधिक पाई गई। करक्यूमिन सबसे अच्छा एंटीसेप्टिक माना जाता है। फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री अधिक करक्यूमिन वाली हल्दी को ज्यादा महत्व देती है। शोध के दौरान मंडल, घिंघराण और निजमुला घाटी से सैंपल लिए गए थे। पीजी कॉलेज गोपेश्वर में वनस्पति विज्ञान के प्रवक्ता (वर्तमान में पुरोला महाविद्यालय में तैनात) डॉ. विनय नौटियाल भी शोध में शामिल रहे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड से 117 सैंपल लिए गए थे। जबकि केरल से पांच और मेघालय से एक सैंपल आया। आगे पढ़िए

शोध में इन जगहों की हल्दी का उत्तराखंड की हल्दी से तुलनात्मक अध्ययन किया गया। इसमें सामने आया कि चमोली में उगाई जाने वाली पारंपरिक हल्दी में करक्यूमिन की मात्रा 10.64 प्रतिशत है। जबकि अन्य जगह की हल्दी में यह मात्रा कम है। इस शोध कार्य में राजकीय पीजी कॉलेज मालदेवता रायपुर देहरादून, डिपार्टमेंट ऑफ लाइफ साइंस ग्राफिक ऐरा विवि, पीजी कॉलेज गोपेश्वर और यूकास्ट संस्थान शामिल रहे। डॉ. विनय नौटियाल कहते हैं कि केरल और मेघालय की हल्दी की व्यावसायिक क्षेत्र में काफी मांग है। इसलिए यहां के सैंपल लेकर उत्तराखंड की हल्दी से तुलना की गई। चमोली की हल्दी में 10.64 प्रतिशत तक करक्यूमिन पाया गया। मेघालय सरकार 2018 से हल्दी पर बड़े स्तर पर प्रोजेक्ट चला रही है। अगर उत्तराखंड में भी सरकार हल्दी की खेती को प्रमोट करने के प्रयास करे तो यहां भी यह करोड़ों की इंडस्ट्री बन सकती है।
चमोली की हल्दी में 10.64 फीसदी करक्यूमिन है
पौड़ी की हल्दी में 8.70 फीसदी करक्यूमिन है
उत्तरकाशी की हल्दी में 6.88 फीसदी करक्यूमिन है
मेघालय की हल्दी में 7.10 फीसदी करक्यूमिन है
केरल की हल्दी में 6.77 फीसदी करक्यूमिन है