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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम यात्रा शुरू होने से पहले उम्मीद लगाई जा रही थी कि इस बार भारी मात्रा में श्रद्धालु पहुंचेंगे मगर यह नहीं पता था कि धाम में परिस्थितियां ही आउट ऑफ कंट्रोल हो जाएंगी और भीड़ इस कदर बढ़ जाएगी की भीड़ पर नियंत्रण पाना एक बड़ी चुनौती बन जाएगा।
केदारनाथ धाम में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। यात्रा शुरू हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं और अब तक 1 लाख से भी अधिक श्रद्धालु केदारनाथ पहुंच चुके हैं। यह आंकड़ा आगे और कितना बढ़ेगा इसका अंदाजा तो लगाना अब मुश्किल है मगर फिलहाल केदारनाथ में परिस्थितियां बेकाबू होती हुई दिखाई दे रही हैं। इस कदर भीड़ है कि केदारनाथ में पैर रखने तक की जगह नहीं है। धाम खचाखच भरा हुआ है। होटल पूरी तरह फुल हो चुके हैं। सड़कों पर लंबा जाम लगा हुआ है। इस कदर भीड़ है कि लोगों को रुकने के लिए भी जगह नहीं मिल रही है। खाने-पीने के लिए भी आफत मची हुई है। कुल मिलाकर यहां पर सरकार का प्लान पूरी तरह फेल हो चुका है। यात्रा शुरू होने से पहले पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार ने पूरे कॉन्फिडेंस के साथ कहा था कि उन्होंने यात्रा की पूरी तैयारियां कर ली हैं मगर यात्रा के पहले ही दिन सच्चाई सबके सामने आ गई।
केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच यात्रा व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) ने मोर्चा संभाल लिया है केदारनाथ धाम में आइटीबीपी की एक प्लाटून तैनात कर दी गई है। आइटीबीपी धाम में सुरक्षा व रेस्क्यू का जिम्मा भी संभालेगी। इसके अलावा सोनप्रयाग व गुप्तकाशी में भी आइटीबीपी की एक-एक प्लाटून तैनात रहेगी। बता दें कि कपाट खुलने के बाद से ही केदारनाथ धाम में प्रतिदिन बीस हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शनों को पहुंच रहे हैं। उस पर मौसम का लगातार बदलता मिजाज चुनौतियां खड़ी कर रहा है। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत श्रद्धालुओं को हो रही है। वहीं पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग आयुष अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालु सहजता से मंदिर में बाबा केदार के दर्शन कर सकें, इसके लिए लगातार प्रयास जारी हैं। इसी कड़ी में आइटीबीपी की प्लाटून तैनात की गई है। गुप्तकाशी व सोनप्रयाग में भी आइटीबीपी के जवान तैनात रहेंगे, जो व्यवस्था बनाने के साथ ही श्रद्धालुओं का सुविधा का पूरा ख्याल रखेंगे।