Halduchaur के Jitesh Dhariyal आईएएस एग्जाम की तैारी कर रहे थे वो अब ISRO में scientist बन गए हैं।
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Image: Jitesh Dhariyal of Halduchur becomes scientist in ISRO
हल्द्वानी: उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले होनहार युवा चुनौतियों पर जीत हासिल कर सफलता का आसमान छू रहे हैं।
Halduchaur Jitesh Dhariyal becomes scientist in ISRO
नैनीताल के रहने वाले जितेश धारियाल ऐसे ही होनहार युवाओं में से एक हैं। जितेश का चयन इसरो में हुआ है। अब वो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में मैकेनिकल वैज्ञानिक के तौर पर सेवाएं देंगे। जितेश आईएएस एग्जॉम की तैयारी कर रहे थे, अब उन्होंने इसरो में सेवाएं देने का निर्णय लिया है। जितेश धारीवाल का परिवार नैनीताल जिले के लालकुआं, हल्दूचौड़ के दुर्गापालपुर मोतीराम क्षेत्र में रहता है। उनका चयन भारत सरकार अंतरिक्ष विभाग के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार,आंध्र प्रदेश स्थित इसरो संस्थान में हुआ है। इसरो की ओर से जितेश को नियुक्ति पत्र भेज दिया गया है। जितेश की सफलता से क्षेत्र में खुशी की लहर है, परिजन खुशी से फूले नहीं समा रहे। जितेश के पिता कैलाश धारियाल भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ अभिकर्ता एवं सेंचुरी मिल के कर्मचारी हैं।
वो बताते हैं कि जितेश पढ़ाई में हमेशा टॉप करते रहे। साल 2010 में जितेश धारियाल ने आर्यमान विक्रम बिरला स्कूल हल्द्वानी से हाईस्कूल किया। उन्होंने परीक्षा में टॉप टेन में जगह बनाई थी, जबकि 2012 में जितेश इंटरमीडिएट में 96 प्रतिशत अंक आने में सफल रहे थे। जितेश ने एनआईटी कुरुक्षेत्र से बीटेक किया है। इसके बाद वो इंद्रप्रस्थ गैस दिल्ली में सेवाएं देने लगे। यहां साल 2017 में उनका डिप्टी मैनेजर के पद पर प्रमोशन किया गया। उस वक्त मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें 50 हजार रुपये का पुरुस्कार देकर सम्मानित किया गया था। जॉब करने के साथ ही जितेश आईएएस परीक्षा की तैयारी करने लगे थे। जिसमें उन्होंने प्री-परीक्षा को पास किया। अब उनकी मेन परीक्षा होनी थी, लेकिन इसरो में चुने जाने के बाद जितेश ने वैज्ञानिक पद को तरजीह दी। वो जल्द ही इसरो में ज्वाइन करने वाले हैं। राज्य समीक्षा टीम की ओर से जितेश और उनके परिवार को शुभकामनाएं।