मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने Uttarakhand Uniform Civil Code को लेकर ड्राफ्ट कमेटी गठित कर दी है।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Draft committee constituted for Uttarakhand Uniform Civil Code
देहरादून: चुनाव से पहले ही सीएम धामी ने कह दिया था कि वो यूनिफॉर्म सिविल कोड उत्तराखंड में लागू करेंगे।
Draft committee constituted for Uttarakhand Uniform Civil Code
अब यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर धामी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर ड्राफ्ट कमेटी गठित कर दी है। इसके लिए बकायदा आदेश जारी कर दिया है। जारी हुए आदेश के अनुसार 5 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। ये कमेटी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर ड्राफ्ट तैयार करेगी। इसके बाद इस ड्राफ्ट को केंद्र को भेजा जाएगा। उत्तराखंड शासन से ACS राधा रतूड़ी ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। आइए पहले आपको बताते हैं कि इस कमेटी के सदस्य कौन हैं।
Uttarakhand Uniform Civil Code Draft Committee members
रंजना देसाई, पूर्व जज – अध्यक्ष
प्रमोद कोहली, दिल्ली हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज – सदस्य
मनु गौड़, टैक्स पेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष- सदस्य
शत्रुघ्न सिंह, पूर्व मुख्य सचिव – सदस्य
सुरेखा डंगवाल, कुलपति दून विश्विद्यालय- सदस्य
अब आपको बाते हैं कि इस कमेटी का काम क्या होगा। ये कमेटी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर ड्राफ्ट तैयार करेगी। इस ड्राफ्ट के तैयार होने के बाद उत्तराखंड सरकार केंद्र सरकार को यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने को लेकर अपना प्रस्ताव भेजेगी। आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव 2022 के 14 फरवरी को हुए मतदान से 1 दिन पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बयान दिया था कि प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वो यूनिफॉर्म सिविल कोर्ट को लेकर एक ड्राफ्ट कमेटी बनाएंगे, जिसके आधार पर वह केंद्र को अपना प्रस्ताव भेजेंगे। अब कमेटी बन गई है, ड्राफ्ट तैयार होना है और केंद्र को भेजा जाना है।
What is Uttarakhand Uniform Civil Code
यूनिफॉर्म सिविल कोड को हिंदी भाषा में समान नागरिक संहिता कहा जाता है। इसका बेहद सरल अर्थ है देश के हर शहरी के लिए एक जैसा कानून लागू हो। इसके तहत एक शहरी किसी भी धर्म-मज़हब से संबंध रखता हो, सभी के लिए एक ही कानून होगा। इसको धर्मनिर्पेक्ष कानून भी कहा जा सकता है। इसका मतलब विवाह, तलाक और जमीन जायदाद के मामलों में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून होगा। ताज्जुब की बात है कि अब तक आपने अलग-अलग राज्यों के अलावा केंद्र सरकार की तरफ से भी कई बार यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की बात सुनी होगी लेकिन इस पर कोई अमल नहीं हो पाया है। देश का सिर्फ एक ही राज्य ऐसा है जहां पर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू है। उस राज्य का नाम है गोवा। इस राज्य में पुर्तगाल सरकार ने ही यूनिफार्म सिविल कोड लागू किया था। अब उत्तराखंड के सीएम धामी यूनिफॉर्म सिविल कोड को उत्तराखंड में लागू करने की ओर जोरों-शोरों से काम कर रहे हैं।