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हल्द्वानी: मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। कठिन परिश्रम और लगन के दम पर बड़ी से बड़ी चुनौती को पार कर सफलता पाई जा सकती है।
उत्तराखंड के कई होनहारों ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर इस बात को सच साबित कर दिया। परीक्षा में उत्तराखंड के होनहार छाए रहे। इनमें एक नाम नैनीताल के रिजुल का भी है। रिजुल ने तीसरी बार यूपीएससी की परीक्षा पास की है, और अब वह आईपीएस अफसर बनकर देश की सेवा करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिजुल के पिता बाबूलाल डीएफओ हैं। वो इस वक्त हल्द्वानी में तैनात हैं। रिजुल बाजपुर जीजीआईसी के वार्ड नंबर 12 के निवासी हैं। रिजुल की हाईस्कूल तक की पढ़ाई सेंट मेरी स्कूल से हुई थी। जिसके बाद उन्होंने मदर इंडिया पब्लिक स्कूल से इंटर किया। बाद में रिजुल ने एनआईटी जयपुर से इंजीनियरिंग की है। रिजुल बचपन से ही आईपीएस बनना चाहते थे। आगे पढ़िए
इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने खूब मेहनत की। यूपीएससी में सफलता पाने के लिए रिजुल बीते कुछ सालों से लगातार मेहनत कर रहे थे। वो परीक्षा में पास तो हुए लेकिन रैंक में सुधार नहीं हो रहा था। साल 2019 में यूपीएससी की परीक्षा में उन्होंने 702वीं रैंक पाई। साल 2020 में वो 706 रैंक हासिल करने में सफल रहे। रैंक में सुधार के लिए उन्होंने फिर से तैयारी की और इस बार रिजुल 322 वी रैंक हासिल करने में सफल रहे। वर्तमान में रिजुल इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विसेज की ट्रेनिंग के लिए गए हुए हैं। यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाले रिजुल अब आईपीएस बनकर अपने सपने को साकार कर सकेंगे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों और गुरुजनों को दिया। रिजुल की सफलता से बाजपुर और हल्द्वानी में खुशी की लहर है।