बेटी ने लौटने से इनकार किया तो परेशान मां थकहार कर वापस लौट आई। अब हरविंदर कौर ने प्रशासन से मदद मांगी है, कहा कि किसी तरह उनकी बेटी को वापस ले आएं।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
Image: Pithoragarh 28 year old harpreet refuses to return home from om parvat
पिथौरागढ़: पहाड़ हम में से हर किसी को आकर्षित करते हैं, प्रकृति के बीच रहना हम सबको खूब सुहाता है।
Pithoragarh harpreet refuses to return home from om parvat
यूपी के लखीमपुर खीरी की रहने वाली 28 साल की हरप्रीत कौर भी पहाड़ों के नजदीक रहने के अनुभव को महसूस करना चाहती थी। 23 अप्रैल को वो अपनी मां हरविंदर कौर के साथ ओम पर्वत के दर्शन के लिए गई। दोनों मां-बेटी को प्रशासन ने 6 मई तक के लिए इनर लाइन पास दिया था, जो 15 दिनों के लिए मान्य होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सामरिक नजरिए से अहम इस इलाके में बाहरी लोगों को प्रवेश के लिए इनर लाइन पास लेना होता है। सब ठीक चल रहा था, लेकिन 15 दिन बाद हरप्रीत ने नाभीढांग से लौटने के लिए मना कर दिया। बेटी के मना करने पर मां ने फिर 10 से 14 मई के लिए इनर लाइन पास बनवाया, लेकिन दूसरे पास की समय सीमा खत्म होने के बाद भी हरप्रीत ने वापस लौटने से साफ इनकार कर दिया। कहा कि वो शिव की धरती से लौटना ही नहीं चाहती। परेशान मां थकहार कर वापस लौट आई।
अब युवती की मां हरविंदर कौर ने प्रशासन से मदद मांगी है, कहा कि किसी तरह उनकी बेटी को वापस ले आएं। मामला सामने आने के बाद एसडीएम धारचूला नंदन कुमार ने बताया कि हरप्रीत को लाने के लिए एक मेडिकल टीम, दो महिला एसआई और दो जवान भेजे जा रहे हैं। बता दें कि नाभीढांग क्षेत्र चीन और नेपाल के एकदम करीब सटा हुआ है, इसलिए मामले को लेकर प्रशासन और खुफिया तंत्र भी अलर्ट मोड में आ गया है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में 17 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद ओम पर्वत हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है। ये पर्वत चीन के करीब स्थित है और बहुत खूबसूरत है। इसके दर्शन के लिए देश-दुनिया के लोग आते हैं, लेकिन यूपी की युवती ने यहां पहुंच कर वापस लौटने से इनकार कर दिया, वो यहीं रहना चाहती है। नाभीढांग में इस तरह का ये पहला मामला है, जिसने हर किसी को हैरान किया हुआ है।