उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में फेल होने पर हताश हुए 2 छात्र..एक ने खाया जहर, दूसरे ने लगा ली फांसी

अगर आप के परिवार में भी कोई छात्र परीक्षा में सफल नहीं हो सका है, तो उन पर विशेष ध्यान दें। उन्हें बताएं कि रिजल्ट जीवन का एक हिस्सा है, लेकिन ‘जीवन’ नहीं है।
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Image: Pithoragarh Nitesh Bageshwar Manoj Danu Suicide Case

बागेश्वर: सोमवार को उत्तराखंड बोर्ड के परिणाम कई परिवारों के लिए जश्न का मौका लेकर आए, तो वहीं कई घरों में रिजल्ट के बाद मातम पसर गया।

Pithoragarh Nitesh Bageshwar Manoj Danu Suicide

पिथौरागढ़ और बागेश्वर में दसवीं और 12वीं में फेल होने वाले दो छात्रों ने खुदकुशी कर ली। घटना के बाद पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पहला मामला पिथौरागढ़ का है। जहां हाईस्कूल की परीक्षा में फेल होने पर 16 वर्षीय किशोर ने जहर खा लिया। 16 साल का नितेश पुत्र मनोज सिंह धारचूला के ढुंगातोली गांव में रहता था। नितेश ने इस साल हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। सोमवार को रिजल्ट आया तो पता चला कि नितेश पास नहीं हो सका है। इस बात ने नितेश को इस कदर निराश किया कि उसने मंगलवार को कीटनाशक का सेवन कर लिया। जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद छात्र के परिवार में कोहराम मचा है। मां गहरे सदमे में है।

वहीं दूसरी घटना बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र की है। जहां बोरबलड़ा निवासी 17 वर्षीय मनोज दानू पुत्र हीरा सिंह दानू ने फेल होने पर फांसी लगा ली। मनोज हल्द्वानी के एचएन इंटर कॉलेज में पढ़ता था। इस साल उसने 12वीं की परीक्षा दी थी। छुट्टी होने के कारण वह इन दिनों अपने मामा के घर आया था। सोमवार को रिजल्ट आया तो पता चला कि मनोज पास नहीं हो सका। इस बात से मनोज गुमसुम हो गया। मंगलवार की सुबह वो उठा और जंगल की ओर चला गया। वहां उसने एक पेड़ पर फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। अगर आप के परिवार में भी कोई छात्र परीक्षा में सफल नहीं हो सका है, तो उन पर विशेष ध्यान दें। छात्र को बताएं कि रिजल्ट जीवन का हिस्सा है, लेकिन ‘जीवन’ नहीं है। अगर कोई डिप्रेशन में है तो मेडिकल हेल्प लेने से न कतराएं। याद रखिए हर जीवन महत्वपूर्ण है।