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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड गौरवशाली सैन्य परंपरा वाला प्रदेश है। यहां के बेटे ही नहीं बेटियां भी देशसेवा में अपना अहम योगदान दे रही हैं।
अब टिहरी के रहने वाले बादल कठैत और उनकी बहन मेघा का ही उदाहरण ले लें, ये दोनों भाई बहन बचपन से ही सेना में अफसर बनना चाहते थे। परिवार ने भी दोनों को आगे बढ़ने में खूब सहयोग किया और अब भाई-बहन की जोड़ी ने भारतीय सेना में अफसर बनने का गौरव हासिल किया है। बादल और मेघा के पिता परमवीर सिंह कठैत ग्राम सिरसेड-कडाकोट क्षेत्र के रहने वाले हैं। वो नगराजाधार स्कूल में अंग्रेजी के प्रवक्ता हैं। परमवीर सिंह को राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है। बेटे और बिटिया के सेना में अफसर बनने से पिता परमवीर कठैत और माता सुनीता कठैत गर्वित हैं। आगे पढ़िए
आसपास के लोग उन्हें बधाई देने घर पहुंच रहे हैं। बता दें कि मेघा इसी साल फरवरी में MNS (मिलिट्री नर्सिंग सर्विसेज) में AFMC पुणे से लेफ्टिनेंट बनकर भारतीय सेना में शामिल हुई है। वहीं बादल कठैत ने TES (टेक्निकल एंट्री स्कीम) के टेस्ट में 2018 में देश मे प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब वो कमीशन प्राप्त करके सिग्नल कोर में लेफ्टिनेंट बन कर भारतीय सेना का हिस्सा बन चुके हैं। बादल की पढ़ाई दून ब्लॉसम स्कूल से हुई। बाद में उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इस बीच वो सेना में भर्ती होने की तैयारी करने लगे और टेक्निकल ग्रेड से आईएमए में प्रवेश पाने में सफल रहे। शनिवार को आईएमए परेड के बाद वह लेफ्टिनेंट बन कर सेना का अभिन्न अंग बन गए। राज्य समीक्षा टीम की ओर से बादल कठैत और मेघा कठैत को शुभकामनाएं।