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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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रुद्रप्रयाग: अगर मन में ठान लिया जाए, तो नामुमकिन कुछ भी नहीं। बढ़ती उम्र भी आपको अपना पसंदीदा काम करने से नहीं रोक सकती।
ऋषिकेश के श्यामपुर निवासी व्यवसायी और ब्लू राइडर साइकिल क्लब के संरक्षक कुलदीप असवाल ने इस बात को सच साबित कर के दिखाया है। जिस उम्र में ज्यादातर लोग खुद को जिंदगी से रिटायर मान लेते हैं, उस उम्र में कुलदीप असवाल साइकिल चलाकर केदारनाथ धाम पहुंच गए। कुलदीप असवाल 60 साल के हैं। जब वो साइकिल से केदारनाथ धाम पहुंचे, तो वहां मौजूद श्रद्धालु उनका जोश और हिम्मत देख हैरान रह गए। ऋषिकेश से चार दिन पहले निकले कुलदीप असवाल ने बाबा केदार के धाम पहुंच कर उनका आशीर्वाद लिया। आगे पढ़िए
वो यात्रा शुरू करने के चौथे दिन दोपहर में केदारनाथ धाम पहुंचे। कुलदीप ऋषिकेश के पहले साइक्लिस्ट हैं, जो साइकिल से केदारनाथ पहुंचे हैं। कुलदीप बताते हैं कि उनके मन में हमेशा से इच्छा थी कि वो 16 जून 2013 की आपदा में मारे गए लोगों को अपने साइकिल ग्रुप की ओर श्रद्धांजलि अर्पित करें। पुण्य आत्माओं की शांति की कामना के लिए ही उन्होंने ऋषिकेश से लेकर केदारनाथ तक का सफर किया और केदार धाम पहुंचते ही सबसे पहले पुण्य आत्माओं की शांति के लिए पार्थना की, उन्हें श्रद्धांजलि दी। कुलदीप असवाल को साइकिल से केदारनाथ पहुंचने में चार दिन लगे। उनकी यात्रा का पहला पड़ाव ऋषिकेश से श्रीकोट, श्रीनगर में रहा। दूसरा पड़ाव कुंड, तीसरा पड़ाव गौरीकुंड और चौथा पड़ाव केदारनाथ रहा। अब वो केदारनाथ से ऋषिकेश तक वापसी का सफर भी साइकिल से ही पूरा करेंगे।