पेशे से गाइड खिलाफ सिंह पिछले साल सुंदरडूंगा ग्लेशियर में गुम हो गया था। वह अपने साथ पांच सैलानियों को भी ट्रैकिंग कराने ले गया था।
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
Image: Bageshwar khilaph Singh Danu body found after 9 months
बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के दुर्गम हिमालयी रास्ते...और वहां अपने भाई को ढूंढने का जुनून सिर पर लिए एक व्यक्ति। उस व्यक्ति ने हार नहीं मानी।
Bageshwar khilaph Singh Danu body found after 9 months
पूरा सरकारी तंत्र हिमालय के सुंदरडूंगा ग्लेशियर में गुम हो चुके उसके भाई ( पेशे से गाइड ) को खोजने में नाकामयाब रहा। सभी ने हाथ खड़े कर लिए। लेकिन जब बात अपने खुद के भाई की आती है तो पहाड़ बहुत छोटे लगते हैं। इंसान के हौसले के आगे कोई पहाड़ कब टिक सका है। पूरे 9 महीने बाद गाइड खिलाफ सिंह का शव बर्फ से ढंके ग्लेशियर के नीचे से उसके भाई ने खोज निकाला।हम बात कर रहे हैं बागेश्वर के सुंदरडूंगा ग्लेशियर और हिमालय की चोटियों की सैर कराने वाले गाइड खिलाफ सिंह दानू और उसके भाई आनंद के हौसले की। कपकोट के दुर्गम गांव जातोली निवासी आनंद सिंह का भाई खिलाफ सिंह गाइड का काम करता था। सुन्दरडूंगा ग्लेशियर में खिलाफ सिंह गाइड, यहां आने वाले ट्रैकर्स का चहेता गाइड था। पिछले साल पश्चिम बंगाल के पांच ट्रैकर्स हिमालय की चोटियों पर ट्रैकिंग करने आए थे। इन्हीं को पहाड़ की सैर कराने निकले थे गाइड खिलाफ सिंह। पांचों ट्रैकर्स और खिलाफ सिंह चार पोर्टरों के साथ खाटी से सुन्दरडूंगा ग्लेशियर के लिए निकले थे। 16 अक्टूबर 2021 को ट्रैकरों की टोली अपनी मंजिल के रास्ते पर थी कि अचानक ही 20 अक्टूबर को मौसम तेज खराब हो गया। पहाड़ पर जबरदस्त तूफान आ धमका। बर्फीले तूफान में सभी 10 लोग फंस गए। आगे पढ़िए
सबने कोशिश जान बचाने की थी। बंगाल से आए पांचों सैलानी बर्फबारी के शिकार हो गए और सभी की मौत हो गई। उनके साथ चल रहे चारों पोर्टर जैसे-तैसे अपनी जान बचाते हुए गांव तक पहुंच गए, मगर खिलाफ सिंह का कुछ पता नहीं चला। पहाड़ पर अचानक मौसम खराब होने की वजह से गुम हुए सभी छह लोगों को ढूंढ निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। खोजबीन शुरू हुई तो पांचों बंगाली ट्रैकर्स के शव मिल गए, जिन्हें चॉपर के जरिये निकाल लिया गया। काफी खोजबीन के बाद भी खिलाफ सिंह का कुछ पता नहीं चला। गाइड की तलाश का काम कुछ दिन और चल सकता था, मगर खराब मौसम की वजह से स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ को खोजबीन बंद करनी पड़ी और प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए। खिलाफ सिंह दालों के घर वालों को की मौत की बात से गहरा सदमा लगा मगर परिस्थितियों और खराब मौसम के आगे वे भी लाचार थे। लेकिन खिलाफ सिंह के भाई आनंद ने भाई को खोज निकालने की ठान ली थी। उन्होंने पूरे नौ महीनों तक इंतजार किया। बर्फ पिघली, तब आनंद ने गांव के कुछ लोगों को साथ लिया और अपने भाई की तलाश शुरू की। लगातार खोजबीन के बाद आखिरकार आनंद को सफलता मिली और दो दिन पहले उन्हें अपने भाई गाइड खिलाफ सिंह का शव मिल गया। इसकी सूचना उन्होंने तुरंत प्रशासन को दी, और एसडीआरएफ की टीम फौरन मौके के लिए रवाना हो गई। अब यह टीम पुष्टि करेगी, जिसके बाद शव उठाया जाएगा।