कोटद्वार में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर: कई सुअरों की मौत, फिर भी बेपरवाह हैं सुअर पालक

नगर निगम भी सुअर पालकों से कई मर्तबा अपने सुअरों को बाड़े में रखने की अपील कर चुका है, लेकिन सुअर पालक सुन नहीं रहे।
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Kotdwar African Swine Fever: African Swine Fever in Kotdwar
Image: African Swine Fever in Kotdwar

कोटद्वार: कोटद्वार क्षेत्र के लोग इन दिनों बड़े खतरे का सामना कर रहे हैं।

African Swine Fever in Kotdwar

यहां सुअरों की मौत के मामले बढ़ रहे हैं, इसकी वजह है अफ्रीकन स्वाइन फीवर। अफ्रीकन स्वाइन फीवर की वजह से सुअर बीमार होकर दम तोड़ रहे हैं। बीमारी के खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग के साथ ही नगर निगम भी सुअर पालकों से कई मर्तबा अपने सुअरों को बाड़े में रखने की अपील कर चुका है, लेकिन सुअर पालक सुन नहीं रहे। पशुपालन विभाग ने सुअरों की मौत के पीछे अफ्रीकन स्वाइन फीवर बीमारी को वजह बताया है। पशुपालन विभाग की ओर से जारी नोटिस के बाद हरकत में आए नगर निगम ने मृत सुअरों को गड्डे में दबाने के साथ ही सुअर पालकों को अपने सुअरों को बाड़े में रखने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही सफाई हवलदारों को नोटिस जारी कर सुअरों को खुले में छोड़ने वाले स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। आगे पढ़िए

पशु चिकित्सक डॉ. बीएम गुप्ता ने बताया कि जब तक सुअर खुले में घूमते रहेंगे, बीमारी पर काबू पाना संभव नहीं है। उन्होंने पशुपालकों से अपने सुअरों को बाड़े में रखने की अपील की है। आपको बता दें कि शहर के आमपड़ाव, कौड़िया क्षेत्र में पशुपालकों ने सुअर पाले हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से पशुपालकों के सुअर लगातार मर रहे हैं। नगर निगम ने सुअर पालकों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है, उनसे सुअरों को बाड़े में रखने को कहा है, लेकिन इस चेतावनी का भी सुअर पालकों पर कोई असर होता नहीं दिख रहा। आलम यह है कि स्वाइन फीवर का प्रकोप होने के बावजूद कई सुअर पालकों ने अपने सुअर सड़कों में खुले छोड़े हुए हैं, जो कि बड़ा खतरा है।