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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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यहां मंदिर के पीछे मेरू-सुमेरू पर्वत श्रृंखला की तलहटी पर ऑटोमैटिक वेदर सिस्टम (एडब्लूएस) को स्थापित कर दिया गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के प्रयासों से यह सिस्टम स्थापित किया गया है। आईआईटी कानपुर के प्रो. इंद्रसेन से निरंतर संपर्क कर वेदर सिस्टम को स्थापित कराया है और बीते दो दिन से केदारनाथ में तापमान, बारिश की संभावना, आद्रता की जानकारी मिल रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि केदारनाथ में ऑटोमैटिक वेदर सिस्टम स्थापित होने से वहां के मौसम के बारे में सटीक जानकारी मिल सकेगी। साथ ही बारिश व बर्फबारी का पूर्वानुमान मिलने से जरूरी व्यवस्थाएं करने में भी मदद मिलेगी। बता दें कि केदारनाथ आपदा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। ऐसे में यह डिवाइस पहले ही बता देगा कि केदारनाथ में मौसम कैसा रहेगा।बरसाती सीजन व अन्य मौकों पर केदारनाथ यात्रा के संचालन को लेकर पहले से ही निर्णय लिए जा सकेंगे। इसके अलावा चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों और हेलीकॉप्टर संचालन में भी मदद मिलेगी।