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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के होनहार लाल रक्षा से लेकर विज्ञान तक हर क्षेत्र में छाए हुए हैं। इसी कड़ी में एक अच्छी खबर गढ़वाल से आई है।
यहां देवप्रयाग में रहने वाले शुभम ध्यानी ने भाभा अनुसंधान केंद्र में बतौर वैज्ञानिक चयनित होकर उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। शुभम ध्यानी की उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि वो पहले ही प्रयास में बार्क का हिस्सा बनने में सफल रहे। 23 साल के शुभम ध्यानी अब वैज्ञानिक के तौर पर भाभा अनुसंधान केंद्र में सेवाएं देंगे। उनका परिवार देवप्रयाग के मेन मार्केट क्षेत्र में रहता है। शुभम पढ़ाई में बचपन से ही होनहार थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन शुभम ने हार नहीं मानी और अपने बलबूते पढ़ाई जारी रखी। सरस्वती शिशु मंदिर देवप्रयाग से पांचवी करने के बाद शुभम का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय, पौखाल (टिहरी गढ़वाल) में हुआ।
वहां से इंटर करने के बाद शुभम ने राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से भौतिक विज्ञान में बीएससी ऑनर्स किया, यहीं से उन्होंने एमएससी भी की। पढ़ाई के बीच शुभम ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक अधिकारी हेतु प्रवेश परीक्षा दी, जिसमें वो पहले ही प्रयास में सफल रहे। शुभम के पिता सुशील ध्यानी बदरीनाथ धाम की तीर्थ पुरोहिताई से जुड़े हैं। बेटे की सफलता ने उन्हें गर्व से भर दिया है। सुशील ध्यानी कहते हैं कि शुभम ने हमेशा मेहनत पर विश्वास रखा और कठिन परिस्थिति में भी हौसला टूटने नहीं दिया। कड़ी मेहनत के दम पर वो अपने सपने को सच करने में कामयाब रहे। श्री बदरीश पंडा पंचायत ने शुभम की सफलता को क्षेत्र व प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाला बताया है। राज्य समीक्षा टीम की ओर से भी शुभम और उनके परिजनों को ढेरों शुभकामनाएं।