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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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लोग अफसरों से मिलते हुए डरते हैं, लेकिन उत्तराखंड में ऐसे कई अफसर हैं, जो अपने कामों से नौकरशाही की नेगेटिव छवि को बदलने की कोशिशों में जुटे हैं। टिहरी के डीएम डॉ. सौरभ गहरवार ऐसे ही अफसरों में से एक हैं। डीएम डॉ. सौरभ गहरवार पूरे हफ्ते काम करने के बाद रविवार की छुट्टी जिला अस्पताल में मरीजों की सेवा करते हुए बिताते हैं। जिला अस्पताल बौराड़ी पीपीपी मोड पर संचालित हो रहा है। दूसरे क्षेत्रों की तरह यहां भी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। ऐसे में नवनियुक्त डीएम डॉ. सौरभ गहरवार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की कोशिश में जुटे हैं। बीते दिनों वो अचानक अस्पताल पहुंचे और अस्पताल का निरीक्षण कर कई मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया। अब वह हर रविवार को जिला अस्पताल बौराड़ी में बैठकर मरीजों का अल्ट्रासाउंड कर इलाज कर रहे है।
रविवार को प्रशासनिक काम न होने पर उन्होंने बौराड़ी स्थित जिला अस्पताल में 22 मरीजों का अल्ट्रासाउंड और सिटी स्कैन किया। डीएम को मरीजों का अल्ट्रासाउंड करते देख हर कोई हैरान था। डीएम सौरभ गहरवार ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्हें जब भी समय मिलेगा वो अस्पताल में आकर सेवाएं देंगे। उनकी कोशिश रहेगी कि वह प्रत्येक रविवार को जिला अस्पताल बौराड़ी में मरीजों की सेवा करें, ताकि उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए दूसरे अस्पतालों में न जाना पड़े। डीएम डॉ. सौरभ गहरवार के इन प्रयासों की लोग खूब सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर दूसरे जिलों में भी ऐसे डीएम हों को प्रदेश की दशा और दिशा बदलते देर नहीं लगेगी। दूसरे अफसरों को भी डीएम IAS Saurabh Gaharwar से सीख लेनी चाहिए।