Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
सितंबर महीने से यहां 10 कमरों वाले क्रूज बोट और 10-10 सीटर दो शिकारा बोट उतारने की योजना है। इसी कड़ी में टिहरी जल विद्युत प्रोजेक्ट ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। टिहरी जल विद्युत प्रोजेक्ट देश का सबसे बड़ा हाइड्रो प्रोजेक्ट बनने जा रहा है। आगामी मार्च माह तक एक हजार मेगावाट बिजली का अतिरिक्त उत्पादन शुरू होने के बाद टिहरी बांध की कुल क्षमता 2400 मेगावाट हो जायेगी, जिसके बाद यह देश का सबसे बड़ा हाइड्रो प्रोजेक्ट बन जाएगा। फिलहाल ये रिकॉर्ड सतलुज जल विद्युत निगम के नाम है। जो कि 1500 मेगावाट बिजली उत्पादन कर देश के सबसे बड़े प्रोजेक्ट के रूप मे जाना जाता है। आगे पढ़िए
मार्च के बाद वह दूसरे नंबर पर खिसक जाएगा। वहीं टिहरी परियोजना की बात करें तो अभी परियोजना से 1400 मेगावाट बिजली बन रही है। ऑफ पीक आवर्स के दौरान थर्मल बेस जनरेशन को संतुलित लोड प्रदान करने के लिये 1000 मेगावाट के टिहरी पम्प स्टोरेज प्लांट से मार्च में बिजली उत्पादन शुरू किया जाएगा। टिहरी बांध परियोजना के द्वितीय चरण में तीन हजार करोड़ से बनने वाले 1000 मेगावाट पंप स्टोरेज प्लांट में 250 मेगावाट की चार रिवर्सीबल टरबाइनें लगाई जा रही हैं। यह रात्रि में कोटेश्वर बांध झील में जमा पानी को टिहरी बांध जलाशय में फेंकने के साथ पीक आवर्स में विद्युत उत्पादन करेंगी। इससे देशभर को बिजली संकट से उबारने में मदद मिलेगी। टिहरी झील में पर्यटन संबंधी गतिविधियां बढ़ाने के लिए भी काम हो रहा है। यहां आरामदायक शिकारा बोट से लेकर क्रूज बोट उतारने की तैयारी है।