उत्तराखंड के युवाओं से सबसे बड़ा धोखा, UKSSSC पेपर लीक केस में रडार पर 50 छात्र

यूकेएसएससी पेपर लीक: पुलिस ने अब तक पेपर खरीदने वाले 50 से अधिक छात्रों को किया चिन्हित, 5 सरकारी कर्मचारी भी गिरफ्तार
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uksssc paper leak : 50 students marked in UKSSSC paper leak case
Image: 50 students marked in UKSSSC paper leak case

देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पेपर लीक के मामले में कई ऐसे पहलू सामने आ चुके हैं जिसको सुनकर हर कोई चौंक गया है।

50 students marked in UKSSSC paper leak case

किसी को नहीं पता था कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी परीक्षा के अंदर इस तरह की घपलेबाजी और धांधली की जा सकती है। बहुत ही बड़े स्तर पर इस परीक्षा के अंदर घपले बाजी की गई है। मामला पेपर लीक का है। परीक्षा से पहले ही कई छात्रों को अंदर ही अंदर से पेपर बेचा गया था और ऐसे 50 छात्रों को अब एसटीएफ चिन्हित कर चुकी है जिन्होंने पेपर खरीदा और वह नकल करके पास हुए। इसकी संख्या भविष्य में और अधिक बढ़ सकती है। वहीं डीजीपी अशोक कुमार ने इस मामले में कहा है कि यूकेएसएससी ( उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ) द्वारा आयोजित किए जाने वाली यह सबसे बड़ी परीक्षा है और इसमें लाखों अभ्यर्थी हर वर्ष बैठते हैं। ऐसे में इस परीक्षा के प्रश्नपत्र का लीक होना किसी छोटे अधिकारी के बस की बात नहीं है। इसमें अवश्य ही कुछ जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत भी शामिल है।

डीजीपी अशोक कुमार ने कहा है कि सबूत मिलने के बाद सभी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। बीते बृहस्पतिवार को डीजीपी अशोक कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान इस मामले में एसटीएफ को अब तक की जांच और कार्यवाही की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2021 में हुई इस परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत पर 22 जुलाई 2022 को मुकदमा दर्ज हुआ। अब तक सरकारी कर्मचारी और 1 अभ्यर्थी सहित 15 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा कराने वाली आउटसोर्स कंपनी के कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता भी इसमें पाई गई है। और उनको भी गिरफ्तार किया जा चुका है। डीजीपी ने कहा है कि अभी जांच चल रही है और बहुत गिरफ्तारियां होना अभी बाकी हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि सैकड़ों छात्रों ने इस परीक्षा में नकल की है और अब तक 50 छात्रों की तस्दीक हो सकी है। इनकी परीक्षा को रद्द कराने के लिए आयोग को पत्र लिखा जाएगा।

वही उन्होंने इस पूरे मामले में राजनीतिक लोगों की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया है। उन्होंने कहा है कि इतने बड़े स्तर पर अगर पेपर लीक हो रहा है तो उसमें जरूर किसी बड़े आदमी का हाथ हो सकता है। वहीं उन्होंने बताया कि पेपर खरीदने वाले छात्रों से पूछताछ की जा रही है और उन्होंने किस-किस से संपर्क किया और कौन-कौन लोग उनके संपर्क में थे इन सबके सुबूत मिलने के बाद उचित कार्यवाही की जाएगी। पेपर लीक मामले में सचिवालय के अपर निजी सचिव सहित पांच सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और क्योंकि यह मामला सीधे सीधे भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है इसीलिए इन तमाम सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। वहीं डीजीपी ने बताया कि इस पूरे मामले में कड़ियां एक दूसरे से जुड़ती जा रही हैं और जल्द ही पुलिस इस पूरे मामले का खुलासा करेगी।