गुप्तकाशी में बंदरों से बचने के लिए खेत से कूदी महिला, एम्स में हुई भर्ती..हालत बेहद गंभीर

Guptkashi में monkey attack , घास काट रही Vinita Nautiyal बंदरों के हमले से बचने के दौरान गहराई में जा गिरी, एम्स ऋषिकेश में किया भर्ती
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guptakashi monkey attack women: Vinita Nautiyal injured in monkey attack in Guptkashi
Image: Vinita Nautiyal injured in monkey attack in Guptkashi

रुद्रप्रयाग: केदारघाटी के गुप्तकाशी क्षेत्र में बंदरों के आतंक से आमजन बेहद परेशान हैं।

Guptkashi Vinita Nautiyal injured in monkey attack

यहां कभी भी बंदरों की फौज धमक पड़ती है और आतंक मचा देती है। कभी वह लोगों के खेतों को तहस नहस कर देते हैं तो कभी किसी ग्रामीण के ऊपर जानलेवा हमला कर देते हैं। कुल मिलाकर बंदरों का खौफ ग्रामीणों के अंदर इस कदर फैल गया है कि ग्रामीण बाहर अकेले निकलने में भी डर रहे हैं। बीते ही दिन क्षेत्र में एक बड़ा हादसा हो गया। गत दिनों खेतों में घास काट रही गुप्तकाशी के कुरनी तोक निवासी विनीता नौटियाल के ऊपर बंदरों की फौज ने हमला कर दिया। बंदरों के हमले से बचने के लिए वह खेतों से भागने लगीं, तो कुछ दूरी पर उनका पांव फिसलने से वह गहराई में गिरकर बुरी तरह घायल हो गईं। हादसे का पता लगने के बाद गांव में हड़कंप मच गया और विनीता नौटियाल को एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया है। उनको पहले ट्रामा सेंटर और उसके बाद न्यूरो आईसीयू में शिफ्ट किया गया है।

Monkey Problem Guptkashi

लगातार बढ़ते बंदरों के आतंक से गुप्तकाशी क्षेत्र के लोग बेहद खौफजदा हैं। पैदल मार्गों पर बच्चे और महिलाएं अकेले आवागमन करने से घबरा रहे हैं। बंदर कब कहां हमला कर दें, इसका कुछ पता नहीं। स्थानीय लोगों के घरों एवं खेतों में बंदर की टोली घुस जाती है और खूब उत्पात मचाती है। इस दौरान वह घर में रखे हुए खाने के सामान को भी नुकसान पहुंचाती है और खाने का सामान उठाकर ले जाती है। इसके अलावा खेतों में भी वह फलों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। न तो लाठी डंडे से ही डर रहे हैं, ना ही पटाखों से। यहां तक कि आवाजाही करने वाले किसी भी व्यक्ति पर बंदर हमला कर रहे हैं जिस कारण बच्चे और महिलाओं का बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग से शीघ्र गुप्तकाशी क्षेत्र में बढ़ रहे बंदरों के आतंक से राहत दिलाने की मांग की है।