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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में जंगली जानवरों के साथ बंदरों के झुंड भी दहशत का सबब बने हुए हैं।
बंदर खेतों में खड़ी फसलें उजाड़ देते हैं, जिस वजह से लोगों ने खेती करना बंद कर दिया है। इतना ही नहीं तीर्थ स्थलों और नगर क्षेत्रों में बंदर के हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला रुद्रप्रयाग जिले का है। जहां नगर पंचायत ऊखीमठ क्षेत्र में बंदरों के हमले की घटनाओं ने नगरवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। आए दिन बंदर राहगीरों पर हमला कर उन्हें काटने को दौड़ रहे हैं। जिससे क्षेत्रवासियों में डर का माहौल बना हुआ है। रविवार को यहां बंदरों के झुंड ने मंदिर मार्ग पर ओंकारेश्वर वार्ड निवासी बबीता देवी पर हमला कर दिया। बंदर महिला को नोंच रहे थे। महिला की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बीचबचाव कर किसी तरह बंदरों को भगाया।
महिला को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ भेजा गया है। शहर में बंदरों के डर की वजह से बुजुर्ग व बच्चे अकेले घरों से बाहर निकलने से डरने लगे हैं। स्थानीय लोग सीएम से लेकर डीएम तक को बंदरों की समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस है। उन्होंने तहसील प्रशासन एवं वन विभाग से बंदरों के आतंक पर शीघ्र रोक लगाने की मांग की है। बता दें कि बीते दो हफ्ते में बंदरों के हमले की 4 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पिछले डेढ़ महीने में क्षेत्र के 12 से ज्यादा लोगों के साथ बंदरों के हमले की घटना हुई। रास्तों में झुंड बनाकर बैठे बंदर बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों पर हमले कर रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय नगर व तहसील प्रशासन ने क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाए, जिससे लोगों में रोष है।