उत्तराखंड के होनहार अमित पांडे को बधाई, नासा में सीनियर साइंटिस्ट के पद पर हुआ चयन

नासा के न्यू मून प्रोग्राम आर्टेमिस का हिस्सा बने उत्तराखंड के Amit Pandey , NASA में Senior Scientist पद पर हुआ चयन, आप भी दें शुभकामनाएं
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Image: Amit Pandey of Haldwani becomes Senior Scientist in NASA

हल्द्वानी: उत्तराखंड के युवा हर क्षेत्र में देव भूमि का नाम रोशन कर रहे हैं।

Amit Pandey of Haldwani becomes Senior Scientist in NASA

इसी कड़ी में एक सुखद खबर नासा से सामने आ रही है। उत्तराखंड के अमित पांडे चंद्रमा पर घर बनाने के लिए नासा के न्यू मून प्रोग्राम आर्टेमिस हिस्सा बनेंगे। अमित पांडे ने बताया कि 60 के दशक में अमेरिका ने अपोलो प्रोग्राम लॉंच किया था जिसमें पहले एस्ट्रोनॉट नील आर्मस्ट्रांग ने चांद पर कदम रखे थे। उसी तरह नासा दोबारा मून प्रोग्राम लॉंच कर रहा है। अमित पांडे का चयन नासा में सीनियर साइंटिस्ट पद पर हुआ है। गोरापड़ाव के रहने वाले अमित पांडे ने प्रारंभिक शिक्षा हल्द्वानी के केंद्रीय विद्यालय और 12 वीं की परीक्षा रायबरेली के केंद्रीय विद्यालय से उत्तीर्ण की। उसके बाद उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बीटेक की डिग्री प्राप्त की और फिर अमेरिका चले गए। आगे पढ़िए

2005 में यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना से मास्टर डिग्री और 2009 में यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड से पीएचडी की। इसके बाद उन्होंने अमेरिकी डिफेंस कंपनी रोल्स रॉयस में बतौर वैज्ञानिक काम किया और वर्तमान में वह नासा के नये मून प्रोग्राम आर्टेमिस में काम कर रहे हैं। अमित पांडे बचपन से ही पढ़ाई के मामले में बेहद गंभीर रहे हैं। उनके पिता विपिन चंद्र पांडे महात्मा गांधी इंटर कॉलेज से सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और मां सुशीला पांडे गृहिणी हैं।

NASA New Moon Program Artemis

वहीं Amit Pandey ने बताया कि 60 के दशक में अमेरिका ने अपोलो प्रोग्राम लॉंच किया था जिसमें पहले एस्ट्रोनॉट नील आर्मस्ट्रांग ने चांद पर कदम रखे थे। उसी तरह नासा दोबारा मून प्रोग्राम लॉंच कर रहा है जिसका नाम आर्टेमिस है और इसके तहत नासा NASA चांद पर घर बनाने, वहां रहने और लॉंग टर्म प्रोजेक्ट पर रिसर्च कर रहा है।