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पिथौरागढ़: भारतीय सेना में सेवा दे रहे पिथौरागढ़ के कैप्टन देवेश जोशी ने समस्त देव भूमि का नाम रोशन किया है और पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
कैप्टन देवेश जोशी ने अपनी जान जोखिम पर डालकर झारखंड में कई पर्यटकों को बचाया है। इसी के साथ उन्होंने साबित किया है कि फौजी की जिंदगी में देश और लोगों की सुरक्षा से बढ़कर और कुछ जरूरी नहीं है। कैप्टन देवेश जोशी ने अदम्य साहस और बहादुरी दिखाते हुए रोपवे के बीच फंसे यात्रियों को सकुशल निकाला है और उनके साहस वीरता एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए 15 अगस्त 2022 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उनको शौर्य पुरस्कार प्रदान किया गया है। उनको यह वीरता पुरस्कार झारखंड के देवघर में रोपवे में फंसे यात्रियों को सकुशल निकालने हेतु ऑपरेशन चित्रकूट की सफलता प्रदान किया गया।
हाल ही में झारखंड में 17 विभिन्न रोपवे खराब होने की वजह से सभी यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए थे जिनमें बच्चे, बुजुर्ग, महिला एवं पुरुष सवार थे। उसके बाद भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन चित्रकूट में लेफ्टिनेंट देवेश जोशी ने अपनी टीम का कुशल नेतृत्व एवं साहस का परिचय देते हुए सभी यात्रियों की जान बचाई और इसीलिए उनको 15 अगस्त को द्रौपदी मुर्मू ने शौर्य पुरस्कार प्रदान किया। पुरस्कार मिलने के बाद उनके गांव में खुशी का माहौल पसर गया है और सेना के प्रति समर्पित होकर उत्कृष्ट कार्य करने पर मिले इस वीरता पदक की सूचना पाकर उनके परिवार एवं सभी मित्र गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। कैप्टन देवेश जोशी मूल रूप से गंगोला जिला पिथौरागढ़ के निवासी हैं और उनके पिता राज के इंटर कॉलेज में शिक्षक एवं माता ग्रहणी हैं। पदक प्राप्त की सूचना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कैप्टन देवेश जोशी Captain Devesh Joshi को शुभकामनाएं दीं।