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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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पौड़ी गढ़वाल: हमारे समाज में सफलता हासिल करने के लिए खूब मोटिवेट किया जाता है, लेकिन असफलता से कैसे निपटना है, ये कोई नहीं बताता।
23 साल के सुमित कुमार को भी अगर असफलता को स्वीकार करना सिखाया गया होता, तो शायद आज वो हमारे बीच होता। सुमित सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहता था। इसके लिए उसने अग्निवीर सेना भर्ती रैली में हिस्सा लिया, लेकिन पास नहीं हो सका। इस बात ने सुमित को इस कदर हताश किया कि उसने फांसी लगाकर जान दे दी। सुमित का परिवार पौड़ी गढ़वाल जिले के नौगांव कमंडा गांव में रहता है। परिजनों ने बताया कि वो अग्निवीर भर्ती रैली में शामिल होने के लिए कोटद्वार गया था। ये भी बताया जा रहा कि सुमित का सेना भर्ती परीक्षा में बैठने का ये आखिरी मौका था, क्योंकि वह अगले साल भर्ती का पात्र नहीं होता।
बीते दिनों सुमित भर्ती परीक्षा में पास नहीं हो सका। 24 अगस्त की शाम वो निराश होकर घर लौटा और उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। उसने परिजनों से बात तक नहीं की। अगले दिन परिवार ने सुमित को अपने कमरे की छत से लटका पाया। घटना की जानकारी उन्होंने राजस्व पुलिस को दी। राजस्व अधिकारियों ने बताया कि सुमित कुमार ने अपने कमरे के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुमित के माता-पिता ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, इसलिए उसका शव उसके परिवार को सौंप दिया गया। बता दें कि अग्निपथ योजना के तहत कोटद्वार में 19 अगस्त से विक्टोरिया क्रॉस गबर सिंह कैंप कौड़िया में अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। 10 दिवसीय भर्ती रैली में शामिल होने के लिए गढ़वाल मंडल के सात जिलों की 64 तहसीलों के 63 हजार से ज्यादा युवाओं ने पंजीकरण कराया है। भर्ती रैली 31 अगस्त तक चलेगी।