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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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पेपर लीक की शुरुआत आयोग की खुद की प्रिंटिंग प्रेस से हुई और किसी को कानोंकान खबर नहीं हुई। जाहिर है इसमें उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग की भी बड़ी लापरवाही रही। पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड आरएमएस कंपनी का मालिक राजेश चौहान है। जांच में पता चला है कि वो अरबों की संपत्ति का मालिक है। उसकी दो कंपनियों का 111 करोड़ रुपये टर्नओवर है। इतना ही नहीं लखनऊ में एक बड़े पब्लिक स्कूल में भी वह पार्टनर है। एसटीएफ को उसकी कई नामी संपत्तियों का पता चला है। उसके बारे में भी एसटीएफ प्रवर्तन निदेशालय को पत्र लिखने जा रही है। ताकि, उसकी संपत्तियों की जांच कर जब्त किया जा सके। जांच के दौरान उसके बैंक खाते में 20 लाख रुपये कैश मिले। राजेश चौहान आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और आरएमएस टेक्नोटच सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड का मालिक है। लखनऊ के जानकीपुरम में उसका घर है।
यहां दो बीघा जमीन और पत्नी के नाम पर एक फ्लैट भी है। राजेश चौहान की लखनऊ इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में पार्टनरशिप है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के मालिक राजेश चौहान की लखनऊ में कुछ संपत्तियों के बारे में पता चला है। इसके अलावा उसकी और परिवार के नाम पर कई और संपत्तियां भी हो सकती हैं। बताया जा रहा है कि राजेश की सीतापुर में भी बहुत सी संपत्तियां हैं। ऐसे में सारी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। पेपर लीक होने के बाद उसे बेचने की जो लंबी चेन बनी, उसकी अहम कड़ी मास्टरमाइंड राजेश चौहान ही है। एसटीएफ के अनुसार धामपुर में राजेश चौहान के कई रिश्तेदार रडार पर हैं। इनमें से जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी। इसके अलावा आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के अन्य डायरेक्टरों के बारे में भी जानकारी मिली है। इनसे भी पूछताछ की जाएगी।