Uksssc paper leak के आरोपी राजेश चौहान ने पुलिस के सामने कई राज खोले हैं। संदेह के घेरे में आए 6 ऑनलाइन परीक्षाएं..आप भई पढ़िए बड़ी खबर
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: Uksssc paper leak Suspicion of paper leak in 6 exams in Uttarakhand
देहरादून: यूकेएसएसएससी पेपर लीक Uksssc paper leak मामले में अब एसटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी है।
Suspicion of paper leak in 6 exams in Uttarakhand
इसी कड़ी में राजेश चौहान को रिमांड में लेकर पूछताछ की गई और उस पूछताछ में एसटीएफ को बेहद अहम सुराग मिले हैं और इसी के साथ पूछताछ के दौरान कई अहम राज खुले हैं। शशिकांत के बारे में भी अहम जानकारियां एसटीएफ के हाथ लगी हैं। इसके आलावा इस मामले में 100 से अधिक नकलची अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किये जा चुके हैं। चलिए आपको बताते हैं कि राजेश चौहान कौन हैं। लखनऊ प्रिंटिंग प्रेस के गिरफ्तार मालिक राजेश चौहान को ज्यूडिशियल रिमांड पर लिया गया है। एसटीएफ को चौहान से पूछताछ में कई ऐसे अहम राज मिल रहे हैं, जिसमें अलग-अलग जगह पेपर लीक की बंदरबांट हुई है। साथ ही लाखों करोड़ों रुपए गिरोह ने कमाएं हैं। उधर आयोग द्वारा अब तक करायी गई 6 ऑनलाइन परीक्षाएं भी अब संदेह के घेरे में हैं। दरअसल एक दिन पहले रविवार को हल्द्वानी से गिरफ्तार किए गए आरोपी शशिकांत के कोचिंग सेंटर और हल्द्वानी सहित आसपास के क्षेत्रों में 4 ऑनलाइन परीक्षा केंद्र हैं। इन ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों में पहले भी कई ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं। ऐसे में आयोग के ऊपर भी है सवाल उठ रहा है कि निजी परीक्षा केंद्रों पर आखिर सरकारी परीक्षाओं का आयोजन क्यों किया जाता है।
वहीं उत्तर प्रदेश के सीतापुर से गिरफ्तार किये गये ललित बिहारी ने बरेली आकर पंतनगर यूनिवर्सिटी के पूर्व अधिकारी दिनेश मोहन जोशी से पेपर लीक की कॉपी के लिए 70 लाख रुपये की डील की थी। इसके बाद दिनेश मोहन जोशी से स्थानीय 7 छात्रों से मोटी रकम लेकर पेपर लीक किया। वहीं यूपी चंदौली निवासी शशिकांत की गिरफ्तारी भी की गई थी। शशिकांत वर्तमान समय काफी वर्षो से हल्द्वानी निवास कर रहा था। वहां उसका कोचिंग सेंटर होने के अलावा बागेश्वर में भी चार ऑनलाइन सेंटर भी हैं। शशिकांत से पूछताछ में जानकारी सामने आई कि इसके द्वारा लखनऊ प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लीक की कॉपी ली गई और इसके बाद हल्द्वानी रिसॉर्ट में आकर 50 से 60 अभ्यर्थियों को मोटी रकम लेकर पेपर बांटा गया। इनमें से एसटीएफ ने 13 अभ्यर्थियों पहचान कर ली गई है। Uksssc paper leak में अब तक लगभग 100 नकलची अभ्यर्थियों के बयान एफिडेविट के तहत दर्ज किए जा चुके हैं। अभी काफी छात्रों के बयान दर्ज होने बाकी हैं और माना जा रहा है कि यह संख्या 200 को पार कर सकती हैं।