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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से वादा किया था कि बीजेपी की सरकार बनने पर वो उत्तराखंड में कॉमन सिविल कोड लागू करेंगे।
इस वादे को पूरा करने के लिए वो गंभीरता से काम कर रहे हैं। प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू होने की तारीख नजदीक आती दिख रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड में दो महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को लागू करना हमारा संकल्प है। Uniform Civil Code केवल हमारा चुनावी मुद्दा नहीं था, हमारा जनता के सामने संकल्प था। हमने जो संकल्प लिया था, उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉमन सिविल कोड को लेकर गठित कमेटी अपना काम कर रही है। कमेटी की लगातार बैठकें हो रही हैं। ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। आगे जानिए
प्रदेश सरकार जल्द ही इसका प्रारूप सार्वजनिक करेगी। बता दें कि धामी सरकार ने 23 मार्च को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। नया कानून लागू होने के बाद उत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। वैसे गोवा में भी यह कानून लागू है, लेकिन वहां स्वतंत्रता से पहले यह कानून बना था। यहां आपको यूनिफॉर्म सिविल कोड Uniform Civil Code या समान नागरिक संहिता के बारे में भी बताते हैं। समान नागरिक संहिता का अर्थ है सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून। इसका मतलब ये है कि किसी भी मजहब या जाति के लिए कोई अलग कानून नहीं होगा। समान नागरिक संहिता लागू हो जाने के बाद सभी धर्म एक ही कानून का अनुसरण करेंगे। राज्य सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कई बार अपनी प्रतिबद्धता दोहरा चुकी है।