उत्तराखंड का अमृत: पैरालिसिस, जोड़ों के दर्द का रामबाण इलाज है सिमई..बेमिसाल हैं इसके गुण

home remedy for paralysis joint pain औषधीय गुणों से भरपूर है उत्तराखंड का यह पौधा, पैरालिसिस जैसे बीमारियों के लिए है रामबाण इलाज
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paralysis joint pain home remedy: Uttarakhand Simai plant home remedy for paralysis joint pain
Image: Uttarakhand Simai plant home remedy for paralysis joint pain

नैनीताल: हम बात कर रहे हैं सिमई के पौधे की। यह नैनीताल के ज्योलीकोट, रानी बाग, काठगोदाम, मंगोली खुरपाताल व अन्य क्षेत्रों में देखा जा सकता है।

Simai plant home remedy for paralysis joint pain

क्या आप जानते हैं कि यह पौधा औषधीय गुणों से भरपूर है और कई बीमारियों में लोगों के काम आता है।इसे स्थानीय भाषा में सौं भी कहते हैं। इस पौधे में कई बीमारियों को ठीक करने के गुण हैं, जिस वजह से यह पौधा काफी महत्वपूर्ण है।सिमई का पौधा उत्तराखंड के गर्म क्षेत्र में पाया जाता है. नैनीताल के ज्योलीकोट, रानी बाग, काठगोदाम, मंगोली खुरपाताल व अन्य क्षेत्रों में आसानी से देखा जा सकता है।

Simai Plant Health Benefits

यह पौधा कई बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है। जोड़ों के दर्द के लिए इसके पत्तों का तेल इस्तेमाल में लाया जाता है। इस तेल को जॉइंट्स में लगाने से दर्द दूर होता है। वहीं पहाड़ों में इस पौधे से झाड़ने की मान्यता भी बेहद प्रचलित है। उनका मानना है कि जब कभी भी शरीर के किसी हिस्से में हवा पड़ती है यानी वह हिस्सा पैरालाइज होता है तब सौं के पत्तों से उस जगह पर झाड़ा जाता है। इसे 3-4 दिन तक लगातार करने से वह ठीक हो जाता है।