यह तो साफ हो गया है कि रुद्रप्रयाग जिले में भी कई 'हाकम सिंह' छिपे हुए हैं, जो सरकारी विभागों में नौकरियां बांटते हैं
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
Image: 80 ineligible people got job in Rudraprayag
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में यूकेएसएसएससी पेपर लीक घोटाला अखबार की सुर्खियों में है। इसमें मास्टरमाइंड हाकम सिंह भी चर्चाओं का विषय बन चुका है। मगर उत्तराखंड में कई ऐसे हाकम हैं जो कि लोगों की नौकरियां लगा चुके हैं।
80 ineligible people got job in Rudraprayag
एक मामला रुद्रप्रयाग जिले से सामने आया है. जहां युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल में 80 अपात्र लोगों को नौकरी बांट दी गई। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने 24 लोगों को हटा दिया है। इस के साथ यह तो साफ हो गया है कि रुद्रप्रयाग जिले में भी कई 'हाकम सिंह' छिपे हुए हैं, जो सरकारी विभागों में नौकरियां बांटते हैं और मोटा पैसा कमाते हैं। दरअसल जनपद रुद्रप्रयाग में 80 अपात्र लोगों को पीआरडी के जरिए नौकरी बांटने का मामला सामने आया आया है। जांच के दौरान पकड़ में आने के बाद अब तक प्रशासन 24 लोगों को हटा चुका है, जबकि बाकी अपात्र कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में एक व्यक्ति की ओर से आरटीआई यानी सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगने पर इस बात का खुलासा हुआ है जिसके तहत रुद्रप्रयाग स्थित युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग में करीब 80 अपात्र लोगों को नौकरी पर लगाया गया है। इसके बाद से ही विभाग विवादों में आ गया। हालांकि, मामला संज्ञान में आते ही रुद्रप्रयाग डीएम मयूर दीक्षित ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता विजय लाल ने बताया कि सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में पीआरडी प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के ही अपात्र लोगों को जमकर नौकरियां बांटी गई है जबकि प्रशिक्षित पीआरडी कर्मचारियों को घर में बैठा दिया गया ह। अपात्र लोगों को बड़ी संख्या में डीएम कार्यालय व तहसीलों में विभिन्न पदों पर नौकरी में रखा गया है। पीआरडी में शासन ही नहीं, बल्कि न्यायालय की तरफ से स्पष्ट गाइडलाइन है कि बिना पीआरडी प्रशिक्षण के किसी की भी पीआरडी से नियुक्त नहीं की जा सकती। ऐसे में बड़े सवाल उठ रहे हैं कि पीआरडी से इतनी बड़ी संख्या में नौकरियों को रुद्रप्रयाग में आखिर कौन बांट रहा था? मामले में जिला युवा एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी विनोद जोशी ने बताया कि ल24 लोगों को नौकरी से हटा दिया गया है, जबकि अन्य की जांच की जा रही है।