उत्तराखंड से दुखद खबर: छुट्टी पर घर आया था सेना का जवान, तिरंगे में लिपटकर चला गया

त्रिलोक सिंह कार्की वर्ष 1994 में महार रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। हाल में वह शाहजहांपुर में बतौर सूबेदार तैनात थे। बीते दिन उनका अचानक निधन हो गया।
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हल्द्वानी: एक दुखद खबर हल्द्वानी से आई है। जहां सेना में तैनात सूबेदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूबेदार त्रिलोक सिंह कार्की 45 साल के थे।

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इन दिनों उनकी तैनाती महार रेजिमेंट शाहजहांपुर में थी। 9 दिन पहले सूबेदार त्रिलोक सिंह कार्की छुट्टी पर घर आए थे। सोचा था परिवार के साथ कुछ वक्त बिताएंगे, लेकिन दुर्भाग्य से ये छुट्टियां त्रिलोक के जीवन की आखिरी छुट्टियां बन गईं। बीते दिन वो तीसरी मंजिल पर बेहोशी की हालत में मिले। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। त्रिलोक सिंह कार्की पुत्र स्व. दिलीप सिंह कार्की गोविंदपुर गढ़वाल कमलुवागांजा क्षेत्र में रहते थे। वो वर्ष 1994 में महार रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। हाल में वह शाहजहांपुर में बतौर सूबेदार तैनात थे। आगे पढ़िए

पुलिस विभाग में तैनात मृतक के भतीजे विजय सिंह कार्की ने बताया कि उसके चाचा छह सितंबर को छुट्टी पर घर आए थे। बुधवार की सुबह पांच बजे वह अपने कुत्ते को लेकर घूमने के लिए गए थे। इसके बाद वो घर आए और निर्माणाधीन तीसरी मंजिल पर चले गए। काफी देर तक जब वह नीचे नहीं आए तो परिजन उन्हें ढूंढते हुए ऊपरी मंजिल पर गए। जहां त्रिलोक सिंह कार्की बेहोश पड़े थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार स्वजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। बुधवार को ही रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ कर दिया गया है। सूबेदार त्रिलोक सिंह कार्की अपने पीछे पत्नी हेमा कार्की, बेटी मनीषा व बेटे हिमांशु को छोड़ गए हैं।