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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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नैनीताल: दिवाली पर एक ओर हम सब छुट्टियों में एन्जॉय कर रहे होंगे तो दूसरी तरफ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों की छुट्टियां कैंसिल करने के आदेश दे दिए गए हैं और रिजर्व में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। वनकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, तराई पश्चिमी वन प्रभाग और रामनगर वन प्रभाग में वनकर्मियों को सघन चेकिंग और गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल दिवाली पर जंगली जानवरों के शिकार की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में आकाश में ड्रोन, रामगंगा में नाव व थल में पैदल गश्त कर जंगल की निगरानी हो रही है। संवेदनशीलता को देखते हुए सीटीआर में कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद कर दी गई हैं। घुमंतु परिवारों के डेरों में भी दो स्नीफर डाग से चेकिंग हो रही है। शिकार की दृष्टि से हल्द्वानी, रामनगर, काशीपुर क्षेत्र अधिक संवेदनशील हैं। सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने बताया कि इसी वजह से वनकर्मियों की छुट्टियों को रद्द करके उनको सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। रामनगर वन प्रभाग व तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ कुंदन कुमार ने बताया कि वन क्षेत्र की सीमाएं खुली होने की वजह से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं
सीटीआर की दक्षिणी सीमा उत्तर प्रदेश से सटी हुई है। दीपावली पर्व के दौरान जंगल में शिकारियों के घुसपैठ की आशंका रहती है। इसे देखते हुए सीटीआर को हाई अलर्ट में रखा गया है। उप्र से सटी दक्षिणी सीमाओं का सीटीआर निदेशक धीरज पांडे अधीनस्थ अधिकारियों व स्टाफ के साथ रात में निरीक्षण कर रहे हैं। जंगल के बीच से बह रही रामगंगा नदी में मोटर बोट से पेट्रोलिंग करने के साथ ही ड्रोन कैमरे से भी जंगल की निगरानी हो रही है। इसके अलावा कार्बेट में संवेदनशील जगह में ऊंचे टावर में लगे ई सर्विलांस कैमरों के जरिए भी निदेशक कार्यालय से नजर रखी जा रही है। कार्बेट के कर्मचारियों के अवकाश दीपावली के एक सप्ताह बाद तक विभाग ने निरस्त कर दिए हैं। निदेशक धीरज पांडे खुद 24 घंटे की पेट्रोलिंग व निगरानी की समीक्षा कर जरूरत के हिसाब से दिशानिर्देश दे रहे हैं।