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नैनीताल: यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले के चलते प्रदेश की बीजेपी सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
विपक्षी दल कांग्रेस जहां प्रदेश सरकार को घेरे हुए है तो वहीं विधायक और कांग्रेस नेता भुवन कापड़ी भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गए थे। उन्होंने याचिका दायर कर भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने कांग्रेस को ऐसा करारा जवाब दिया कि विपक्षी नेताओं को अपना सा मुंह लेकर वापस लौटना पड़ा। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि वो भर्ती स्कैम में प्रदेश सरकार की जांच से संतुष्ट है, लिहाजा सीबीआई जांच का कोई औचित्य नहीं है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि जब राज्य सरकार ने भर्ती घोटाले मामले में एक के बाद एक गिरफ्तारियां की हैं। मामले की जांच अभी जारी है। कोर्ट को नहीं लगता कि मामले में सीबीआई जांच की जरूरत है। हाईकोर्ट के न्यायधीश संजय मिश्रा की खंडपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के वकील अमित कापड़ी का कहना था कि साल 2020 में नकल संबंधी मामले में मंगलौर और पौड़ी में दो एफआईआर दर्ज हुई थीं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भर्ती स्कैम में सरकार अब भी बड़े लोगों को बचा रही है। इसमें यूपी-उत्तराखंड के कई बड़े नेता और अधिकारी शामिल हैं। सरकार उनके खिलाफ ऐक्शन नहीं ले रही, लिहाजा मामले की जांच एसटीएफ से हटाकर सीबीआई को सौंप दी जाए। उधर सरकार का पक्ष रखते हुए सरकारी वकीलों ने कहा कि इस मामले में 80 प्रतिशत जांच पूरी हो चुकी है। 46 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 28 से 30 के खिलाफ चार्जशीट भी दायर हो चुकी है। एसटीएफ की जांच में संदेह नहीं है। मामले में कोर्ट ने 12 अक्टूबर को सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया था। अब हाईकोर्ट ने UKSSSC Recruitment Scam को लेकर कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी की सीबीआई जांच की मांग की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले से प्रदेश सरकार को बड़ी राहत मिली है, जबकि विपक्ष ने राजनीतिक माइलेज लेने का मौका गंवा दिया।