हमले में हरीश की जान तो बच गई, लेकिन उसके दोनों हाथ और पैर जख्मी हुए हैं। फिलहाल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Leopard attacks Harish Negi in Uttarkashi Dunda
उत्तरकाशी: पहाड़ की जिंदगी आसान नहीं है। यहां गुलदार की शक्ल में मौत कब दस्तक दे जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। पौड़ी से लेकर पिथौरागढ़ तक ऐसा कोई जिला नहीं, जहां बाघ-गुलदार के हमले की घटनाएं न हो रही हों।
Leopard attacks Harish Negi in Uttarkashi
ताजा मामला उत्तरकाशी जिले का है। जहां डुंडा के सिरी गांव में गुलदार ने एक युवक पर हमला कर दिया। घायल युवक के दोनों हाथों में गहरे निशान हैं। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है, लोग घरों से बाहर निकलने से डरने लगे हैं। गुलदार के हमले में घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर है। पीड़ित हरीश नेगी 21 साल का है। वो सिरी गांव का निवासी है। बीते दिन हरीश गांव के पास टरचा नामे तोक स्थित छानियों में था। तभी वहां घात लगाए गुलदार ने उस पर हमला कर दिया।
हरीश दर्द से तड़प उठा। वो गुलदार से जूझने लगा, साथ ही शोर भी मचाया। हरीश की चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो गुलदार युवक को छोड़कर भाग गया। इस हमले में हरीश की जान तो बच गई, लेकिन उसके दोनों हाथ और पैर बुरी तरह जख्मी हुए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सुमन प्रदीप रावत व प्रधान जीतम रावत ने वन विभाग से गुलदार के आतंक को देखते हुए गांव में पिंजरा लगाने की मांग की, ताकि गुलदार को पकड़ा जा सके। उन्होंने वन विभाग से पीड़ित को उचित मुआवजा देने को कहा। जिस पर वन विभाग की टीम ने युवक को फौरी तौर पर 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी है। घटना के बाद ग्रामीण डरे हुए हैं। शाम होने से पहले ही लोग घरों में दुबक जाते हैं, बच्चों ने भी गुलदार के डर से खेलना बंद कर दिया है।