यूपी सचिवालय में नौकरी लगवाने के नाम पर 12वीं पास ठग ने ठग लिए 21.29 लाख, रुद्रपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Fraud of Rs 21 lakh from youth name of job in Uttarakhand
रुद्रपुर: लोगों से लाखों रुपए ऐंठ कर सरकारी नौकरी का झांसा देने वाले फ्रॉड लोगों की तादात बढ़ती जा रही है।
Fraud of Rs 21 lakh from youth in rudrapur
अब रुद्रपुर में पुलिस ने सरकारी नौकरी का झांसा देने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश सचिवालय में नौकरी लगवाने के नाम पर 21.29 लाख रुपये का चूना लगाने वाले आरोपित आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। पुलिस ने साथ ही उसके पास से उत्तर प्रदेश शासन लगी नंबर प्लेट का वाहन भी बरामद किया है। हैरानी की बात ये है कि ठग सिर्फ 12वीं पास है। बाद में पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि ट्रांजिट कैंप फुलसुंगा निवासी श्रीपाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनके दो बेटे और बहू नौकरी की तलाश कर रहे थे। इसी बीच मई 2021 में उनके पुत्र पुष्पेंद्र सिंह की मुलाकात ग्राम अधौली थान सत्तरगंज जिला बाराबंकी निवासी सर्वेश यादव से हुई। सर्वेश यादव ने उनका परिचय अपनी पत्नी शालू वर्मा और ग्राम भिखारीपुर थान रतनपुर जिला अंबेडकरनगर निवासी श्याम मोहन से करवाया।
उन्होंने बताया कि वह क्लीन फर्टिलाइजर मार्केटिंग मैनपावर सर्विस, कंसल्टेंसी एजेंसी के नाम से राज्य एवं केंद्र सरकार के विभागों में स्थाई नौकरी दिलाने का कार्य करते हैं।इस दौरान सर्वेश यादव ने उनको अपनी बातों में फंसाते हुए कहा कि वह राज्य संपत्ति विभाग, उत्तर प्रदेश सचिवालय में अनुसचिव पद पर कार्यरत है। यहां तक कि उसने अपना परिचय पत्र भी दिखाया। उनकी बातों पर आकर उन्होंने अलग-अलग तिथियों में बैंक खातों में करीब 21.29 लाख रुपये जमा करा दिए। रकम देने के कई दिनों के बाद भी आरोपियों ने उन्हें कोई नियुक्ति पत्र नहीं दिया और रुपये मांगने पर टाल मटोल करते रहे। शक होने पर जब पीड़ितों ने लखनऊ जाकर राज्य संपत्ति विभाग में जानकारी जुटाई तो पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति वहां कार्यरत ही नहीं है। इस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि पीड़ितों ने पुलिस को मामले में तहरीर सौंपी जिसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर थानाध्यक्ष ट्रांजिट कैंप सुंदरम शर्मा की अगुवाई में पुलिस ने आरोपित सर्वेश यादव के घर बाराबंकी उत्तर प्रदेश में दबिश दी। जहां से पुलिस ने सर्वेश को गिरफ्तार कर लिया।
धोखाधड़ी में प्रयुक्त वाहन जिसके नंबर प्लेट पर उत्तर प्रदेश शासन लिखा हुआ था, उसे भी कब्जे में ले लिया। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि पूछताछ में आरोपित ने 21.29 लाख की ठगी की बात कबूल की। बाद में पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि आरोपित के बैंक के खाते खंगाले जाएंगे। पता लगाया जाएगा कि उसने श्रीपाल सिंह के अलावा यूएस नगर और अन्य राज्यों में किस किस को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा है। पूछताछ में सर्वेश ने बताया कि उसके संबंध सचिवालय में काम करने वाले कुछ लोगों से हैं, इसकी भी पुलिस जांच करेगी। सीओ सिटी आशीष भारद्वाज ने बताया कि सर्वेश यादव पर रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप के साथ ही लखनऊ के थाना गोमती नगर में वर्ष 2019 में भी धोखाधड़ी का केस दर्ज हो रखा है है। उस पर और कितने केस दर्ज है, इसकी जानकारी लेने के लिए उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। जबकि अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।