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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के सपूतों में देशसेवा का जुनून अलग से ही देखने को मिलता है। हर परिवार में किसी न किसी का एक सपना जरूर होता है कि वो सेना में जाकर देशसेवा करे।
ऐसी ही एक कहानी टिहरी गढ़वाल के बूढ़ाकेदार क्षेत्र के तोली गांव निवासी पंकज सिंह रावत की है। 29 अक्टूबर को चेन्नई अकादमी से पास आउट होकर पंकज सिंह रावत सेना में अधिकारी बने हैं। उनकी इस उपलब्धि पर गांव में खुशी का माहौल है। पंकज जब भिलंगना विकासखंड के दूरस्थ तोली गांव पहुंचे, तो ग्राीमीणों ने ढोल नगाड़ों की थाप पर उनका जोरदार स्वागत किया। पंकज बेहद साधारण परिवार से हैं। आगे पढ़िए
उनके पिता हरि भजन सिंह रावत एपको इंटरप्राइजेज कंसलटेंसी जम्मू कश्मीर में प्राइवेट कम्पनी में जॉब करते हैं। उनकी मां पूर्णा देवी आंगनबाड़ी सहायिका कार्यकत्री के रूप में गांव में ही काम करती थी लेकिन 1 महीने पहले पंकज की दोनों छोटी बहनों की कॉलेज पढ़ाई के लिए उन्हें देहरादून शिफ्ट होना पड़ा। पंकज सिंह रावत ने अपनी बेसिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई ग्रामीण क्षेत्र से ही की है। उन्होंने बूढ़ाकेदार क्षेत्र का पहला सीडीएस आर्मी अफसर बनकर गौरव हासिल किया है। इसके बाद से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर अलग ही देखने को मिल रही है। पंकज रावत के सैन्य अधिकारी बनने पर ग्रामवासी भी काफी खुश हैं। सभी गर्व से फूले नहीं समा रहे हैं.