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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में अब दुपहिया वाहनों से भी सड़कों पर गुज़रना खतरे से खाली नहीं है। कब कहाँ कौन सा जानवर हमले करदे आप नहीं जानते।
अब अल्मोड़ा स्थित विकासखंड के सांकर गांव में बाइक सवार दो ग्रामीणों पर बाघ ने हमला कर दिया। हमले में दोनों ने किसी तरह जान बचाई। दोनों ने गाड़ी में घुसकर अपनी जान बचाई। इस घटना के बाद जनाक्रोश भड़क उठा। गुस्साए लोग रामनगर-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर बैठ गए।दरअसल बुधवार देर शाम बाइक सवार अतीश रावत व ग्राम प्रहरी ठाकुर सिंह मरचूला से सांकर गांव लौट रहे थे। इसी दौरान बाघ उन पर झपट पड़ा। ग्राम प्रहरी ने एक चौपहिया वाहन में घुस कर जान बचाई, जबकि अतीश बाइक लेकर भाग निकला।
गुरुवार को जब यह बात सांकर व जमरिया के ग्रामीणों को पता लगी तो वह बुरी तरह भड़क उठे। हंगामे व नारेबाजी के बीच लोग सांकर गांव में हाईवे पर धरने में बैठ गए और जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बाघ तीन गांवों जमरिया, सांकर व बलूली में सक्रिय है। लेकिन मात्र जमरिया में पिंजड़ा लगाया है। वन विभाग लापरवाही बरत रहा है। आरोप लगाया कि वन विभाग ड्रोन कैमरों से हिंसक बाघ की निगरानी नहीं कर रहा। वहीं पिंजड़े भी पर्याप्त नहीं मंगाए जा रहे। माहौल गरमाने पर मंदाल रेंज के वनक्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लगातार तीन दिन तक ड्रोन कैमरों से हमलावर बाघ पर नजर रख उसे कैद करने का भरोसा दिलाया तो लोग बमुश्किल शांत हुए और जाम खोला गया।