परेशान जेल अधिकारी सुनील राठी को हरिद्वार जेल से शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा।
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कोमल नेगी
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Image: Gangster Sunil Rathi in Uttarakhand Haridwar Jail
हरिद्वार: 16 अक्टूबर 2022…यही वो दिन था, जब कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी को अचानक हरिद्वार के जिला कारागार में शिफ्ट कर दिया गया।
Gangster Sunil Rathi in Haridwar Jail
सुनील राठी के हरिद्वार जेल में आने के साथ ही जेल प्रशासन की नींद उड़ गई थी। आशंका जताई जा रही थी कि सुनील राठी हरिद्वार जेल में अपना गैंग बना लेगा, और यही हुआ भी। सुनील राठी ने हरिद्वार जेल में अपनी गैंग बना ली है और अपनी मांगें भी जेल प्रशासन के सामने रखने लगा है। मांगे पूरी नहीं होती तो जेल प्रशासन और कैदियों के साथ मारपीट की जाती है। परेशान जेल अधिकारी सुनील राठी को हरिद्वार जेल से शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। सुनील राठी को हरिद्वार जेल में पहले से बंद प्रवीण वाल्मीकि का साथ मिल गया है जोकि सुनील राठी का पुराना दोस्त है। बताया जा रहा है कि सुनील अपनी बैरक में किसी को तलाशी नहीं करने दे रहा, ना ही किसी को आने की परमिशन दे रहा है। सुनील राठी और प्रवीण वाल्मीकि ने एक कैदी की पिटाई भी की। यह दोनों जेल प्रशासन के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। हिस्ट्रीशीटर सुनील राठी की मांगे भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। पहले उसने बेड मांगा फिर अलग खाना बनाने और अपनी मुलाकातों को बढ़ाने की मांग की। जेल प्रशासन ने मना किया तो सुनील राठी और प्रवीण वाल्मीकि मिलकर जेलकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने लगे। सुनील राठी का खौफ इतना है कि कोई भी उसके खिलाफ कार्रवाई करने का खतरा मोल नहीं ले रहा।
सुनील राठी पहले तिहाड़ जेल में बंद था उसे लगा कि हरिद्वार आने पर उसे सारी सुविधाएं मिल जाएंगी, लेकिन ऐसा न होने पर उसने धीरे-धीरे अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। वह हरिद्वार जेल में फोन से अपना नेटवर्क चलाना चाहता है। सुनील राठी की आमद से जेल में एक तरह का नेगेटिव माहौल बन गया है, यहां होने वाले कार्यक्रम बंद कर दिए गए हैं। जेल अधीक्षक मनोज कुमार ने कहा कि सुनील राठी को यहां से शिफ्ट करने के लिए अधिकारियों से पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन किसी ने भी जवाब देना जरूरी नहीं समझा। बता दें कि गैंगस्टर सुनील राठी पर कुख्यात मुन्ना बजरंगी को जेल के अंदर गोली मारने का आरोप है। उसने दिल्ली में भी कुछ वारदातों को अंजाम दिया और हरिद्वार में अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया। जेल जाने के बाद सुनील राठी ने रंगदारी मांगने और जेल में बैठे-बैठे लोगों की मदद से कई जमीनों पर कब्जा कर लिया। उस पर साल 2011 में रुड़की जेल के जेलर की हत्या करने का आरोप भी लग चुका है। पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के अपराध जगत में सुनील राठी का अपना दबदबा है।